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पंचकूला में एचआईवी टेस्टिंग लैब की स्थापना, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

हरियाणा सरकार ने पंचकूला में एचआईवी वायरल लोड टेस्टिंग लैब की स्थापना की घोषणा की है, जो स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में मदद करेगी। यह लैब रोहतक के बाद राज्य की दूसरी सुविधा होगी, जो एचआईवी संक्रमित मरीजों के उपचार की निगरानी करेगी। इस पहल से मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण होगा। जानें इस महत्वपूर्ण परियोजना के बारे में और कैसे यह स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाएगी।
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पंचकूला में एचआईवी टेस्टिंग लैब की स्थापना, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

पंचकूला में एचआईवी टेस्टिंग लैब की शुरुआत

पंचकूला. हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पंचकूला के सिविल अस्पताल में एचआईवी वायरल लोड टेस्टिंग लैब जल्द ही स्थापित की जाएगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने 26 मार्च को इस परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी मिलने की जानकारी दी। यह लैब रोहतक के बाद राज्य की दूसरी ऐसी सुविधा होगी, जो एचआईवी संक्रमित मरीजों के उपचार की निगरानी करेगी।


कोविड इंफ्रास्ट्रक्चर का स्मार्ट उपयोग

कोविड इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा स्मार्ट इस्तेमाल


इस नई लैब की विशेषता यह है कि इसे नए सिरे से बनाने के बजाय, पंचकूला अस्पताल में पहले से मौजूद कोविड-19 मॉलिक्यूलर टेस्टिंग सेटअप का उपयोग करके तैयार किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए आवश्यक अतिरिक्त उपकरणों की खरीद को मंजूरी दे दी है। इस योजना से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि लैब को जल्दी चालू किया जा सकेगा। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) ने इस परियोजना का तकनीकी मूल्यांकन कर इसे स्वीकृति दी है।


सरकारी खजाने पर कोई बोझ नहीं

सरकारी खजाने पर नहीं पड़ेगा एक पैसे का बोझ


डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस लैब की स्थापना और संचालन का वार्षिक खर्च 1.65 करोड़ रुपये NACO द्वारा वहन किया जाएगा। इससे राज्य सरकार के बजट पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रति टेस्ट की लागत 1,100 रुपये निर्धारित की गई है। यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन रहा है, जहां बिना अतिरिक्त खर्च के स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।


मरीजों को लाभ

मरीजों को कैसे होगा सीधा फायदा?


वर्तमान में, हरियाणा के सभी 22 जिलों से एचआईवी सैंपल जांच के लिए रोहतक पीजीआईएमएस भेजे जाते हैं, जिससे रिपोर्ट आने में समय लगता है। वायरल लोड टेस्टिंग यह दर्शाती है कि एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) मरीज पर कितनी प्रभावी है। समय पर जांच से डॉक्टरों को उपचार में बदलाव करने और दवाओं के प्रति प्रतिरोध रोकने में मदद मिलेगी। पंचकूला में लैब शुरू होने से उत्तरी हरियाणा के मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।


स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण

स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण और भविष्य


यह पहल हरियाणा सरकार के उस दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसके तहत विशेष स्वास्थ्य सेवाओं को बड़े शहरों से निकालकर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस लैब का लक्ष्य सालाना लगभग 15,000 टेस्ट करना है, जिससे यह हरियाणा के एचआईवी देखभाल नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगी। समय पर निगरानी और सटीक डेटा से मरीजों की जीवन प्रत्याशा बढ़ाने और एड्स के खिलाफ लड़ाई को प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।