पंजाब की राजनीति में भूचाल: भगवंत मान ने बागी सांसदों को बताया गद्दार
पंजाब में राजनीतिक हलचल
चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख नेता राघव चड्ढा सहित सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की घोषणा ने पंजाब की राजनीतिक स्थिति में उथल-पुथल मचा दी है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बीजेपी और बागी सांसदों पर तीखा हमला किया। सीएम मान ने बीजेपी पर केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED-CBI) का दुरुपयोग कर आम आदमी पार्टी के नेताओं को डराने और 'ऑपरेशन लोटस' के माध्यम से पंजाब सरकार को अस्थिर करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने इन बागी सांसदों को पंजाबियों का गद्दार करार देते हुए कहा कि बीजेपी यहां अपनी 'वाशिंग मशीन' चला रही है, लेकिन वह कभी चुनाव नहीं जीत सकती।
सांसदों के पलायन पर मान का कड़ा बयान
भगवंत मान ने सांसदों के पाला बदलने पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि पार्टी और संगठन हमेशा व्यक्ति से बड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि इन सात सांसदों ने पंजाबियों के साथ खुली गद्दारी की है। सीएम ने यह भी कहा कि ये लोग बिना किसी मेहनत के पद हासिल कर चुके थे और अब अपनी राजनीति को चमकाने के लिए नहीं, बल्कि केंद्रीय एजेंसियों के डर से बीजेपी में शामिल हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बीजेपी में इनका भविष्य उज्ज्वल नहीं है, क्योंकि वहां भी इन्हें केवल इस्तेमाल किया जाएगा।
भाजपा की स्थिति पर मान की टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि उनकी पंजाबियों के साथ कोई समझ नहीं बनती। किसान आंदोलन का उल्लेख करते हुए मान ने कहा कि बीजेपी ने उस समय भी गद्दारी की थी। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी हमारी सरकार के कार्यों से पूरी तरह डरी हुई है और शायद उन्होंने कोई अंदरूनी सर्वे कराया होगा, जिसमें उनकी स्थिति बेहद खराब नजर आई होगी।
रवनीत बिट्टू और राघव चड्ढा के बीच का टकराव
भगवंत मान ने इस बगावत की निंदा करते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को यह बात स्वीकार नहीं हो रही होगी कि पंजाब में उनका कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि रवनीत बिट्टू कुछ दिन पहले तक राघव चड्ढा को गालियां दे रहे थे, अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे एक ही पार्टी में जाने के बाद एक-दूसरे से कैसे मिलेंगे।
