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पंजाब पुलिस की कार्यकुशलता में सुधार के लिए नई योजनाएं

पंजाब सरकार ने पुलिसिंग को और अधिक सक्षम बनाने के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की है। डायल 112 इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम को प्रभावी बनाने के लिए 52 करोड़ रुपये की लागत से सेंट्रल कंट्रोल रूम का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और एंटी-ड्रोन सिस्टम को भी बढ़ाया जाएगा। इन पहलों का उद्देश्य पुलिस की कार्यकुशलता में सुधार करना है। जानें और क्या-क्या योजनाएं हैं पंजाब पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए।
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पंजाब पुलिस की कार्यकुशलता में सुधार के लिए नई योजनाएं

पंजाब पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में कदम

चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दिशा-निर्देशों के अनुसार, पंजाब पुलिस को और अधिक सक्षम और पेशेवर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इस क्रम में, डायल 112 इमरजेंसी रिस्पांस स्पोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) को और प्रभावी बनाने के लिए महत्वाकांक्षी विजन 2026 की योजना बनाई गई है। इसके तहत 52 करोड़ रुपये की लागत से एक नया सेंट्रल कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा और 50 करोड़ रुपये की राशि से नए वाहन खरीदे जाएंगे। पंजाब सरकार का उद्देश्य औसत रिस्पांस समय को 12-13 मिनट से घटाकर 7-8 मिनट करना है।


इसके अतिरिक्त, पूरे पंजाब के जिला नियंत्रण कक्षों को 25 करोड़ रुपये के निवेश से अपग्रेड किया जाएगा, जिससे समन्वय और त्वरित प्रबंधन में सुधार होगा। सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए, अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 585 स्थानों पर 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी लागत 49.58 करोड़ रुपये होगी। इससे पुलिस की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।


एंटी-ड्रोन सिस्टम (एडीएस) की संख्या को तीन से बढ़ाकर छह किया जाएगा, और भविष्य में 10 और प्रणालियों की खरीद की योजना है। ड्रोन रिस्पॉन्स टीमें (डीआरटी) भी तैनात की गई हैं, जो ग्राम रक्षा समितियों के साथ मिलकर कार्य करेंगी। पंजाब सरकार ने पिछले तीन वर्षों में पुलिस के आधुनिकीकरण पर 800 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं।


पंजाब सरकार ने 426 करोड़ रुपये की लागत वाली मेगा पुलिस भवन परियोजना को भी मंजूरी दी है, जिसमें नए पुलिस स्टेशनों और साइबर क्राइम डिवीजन के लिए मुख्यालय का निर्माण शामिल है। इसके अलावा, लुधियाना, फिरोजपुर और जालंधर में नए एएनटीएफ रेंज कार्यालय खोले जाएंगे। नए आपराधिक कानूनों के तहत गवाह संरक्षण योजना भी लागू की गई है, जो सजा की दर में सुधार लाने में मदद करेगी।


नेटवर्क कनेक्टिविटी को सभी थानों में 50 एमबीपीएस से बढ़ाकर 100 एमबीपीएस किया जाएगा। पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (पीएआईएस 2.0) के माध्यम से तकनीकी क्षमताओं को और उन्नत किया जा रहा है, जिसमें वॉयस एनालिसिस की सुविधा भी शामिल है। संगठित अपराध सूचना प्रणाली (ओसीआईएस) को भी अपग्रेड किया जा रहा है, जिससे अपराध रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार होगा।