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पंजाब में 6 मिनट में पुलिस सहायता: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 508 इमरजेंसी वाहन सौंपे

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने संगरूर में 508 इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों का उद्घाटन किया, जिससे पुलिस सहायता अब महज 6 मिनट में उपलब्ध होगी। ये वाहन सभी 28 पुलिस जिलों में तैनात किए जाएंगे और अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं। मुख्यमंत्री ने नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई की बात की और कहा कि बेहतर सुरक्षा से निवेशकों का विश्वास बढ़ता है। उन्होंने भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग की योजना भी साझा की। इस पहल से पंजाब की कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
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पंजाब में 6 मिनट में पुलिस सहायता: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 508 इमरजेंसी वाहन सौंपे

पंजाब पुलिस को मिले नए इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन

  • मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब पुलिस को 508 इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन सौंपे

    ये वाहन सभी 28 पुलिस जिलों में तैनात किए जाएंगे; 112 डायल करने पर तुरंत सहायता सुनिश्चित करेंगे : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

  • सभी वाहन मोबाइल डेटा टर्मिनल, स्मार्टफोन, डैश कैमरे, वायरलेस सिस्टम और जीपीएस ट्रैकर से लैस हैं : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • टाटा स्टील द्वारा पंजाब में अपना दूसरा सबसे बड़ा प्लांट स्थापित करना मजबूत कानून-व्यवस्था का प्रत्यक्ष प्रमाण : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • 4 वर्षों में हमने पुलिस वाहनों पर 327.70 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि ‘कैप्टन सरकार’ ने 92.52 करोड़ और अकाली दल ने 160 करोड़ रुपये खर्च किए थे : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • पुलिस के आधुनिकीकरण ने न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है, बल्कि नशा तस्करों पर भी शिकंजा कसा है : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान


संगरूर: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज संगरूर में 508 इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अब अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों की तरह महज छह मिनट में पुलिस सहायता उपलब्ध कराएगी।


ये अत्याधुनिक वाहन डायल-112 सेवा के तहत सभी 28 पुलिस जिलों में तैनात किए जाएंगे, जो आपातकालीन स्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करेंगे। यह कदम तकनीक-आधारित कानून प्रवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में पुलिस वाहनों के लिए 327.70 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिससे न केवल पुलिस बल का आधुनिकीकरण हुआ है, बल्कि कानून-व्यवस्था भी मजबूत हुई है। इसके साथ ही नशा तस्करों पर भी सख्त कार्रवाई की गई है।


उन्होंने कहा कि बेहतर सुरक्षा से निवेशकों का विश्वास बढ़ता है, जिसका उदाहरण टाटा स्टील द्वारा पंजाब में अपने दूसरे सबसे बड़े प्लांट की स्थापना के लिए किया जा रहा निवेश है।


संगरूर में सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब से नशे के खतरे को खत्म करने के लिए नशे के कारोबार में शामिल लोगों का सामाजिक बहिष्कार करना जरूरी है।” उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पीढ़ियों को बर्बाद किया है, उनके साथ नरमी नहीं बरती जानी चाहिए।


सरकार की सख्त कार्रवाई को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने पहले ही नशे के व्यापार के खिलाफ कड़ा शिकंजा कस दिया है और ऐसे मामलों में सजा दर 87 प्रतिशत तक पहुंच गई है।” उन्होंने कहा कि “नशों के खिलाफ युद्ध” पंजाब में नशा नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई साबित हो रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान को जनसमर्थन के साथ जन आंदोलन में बदलने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत, वर्तमान सरकार ने तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है।


‘नशा आतंकवाद’ पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस सीमा पार से हो रही नशीले पदार्थों की तस्करी का सक्रिय रूप से मुकाबला कर रही है।


प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार जमीनी स्तर तक पहुंच सुनिश्चित की गई है, जिसके तहत अब केवल वरिष्ठ अधिकारियों ही नहीं बल्कि थानों के एसएचओ स्तर तक भी वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।


कानून-व्यवस्था और आर्थिक विश्वास के संबंध पर उन्होंने कहा कि किसी राज्य की कानून-व्यवस्था का सबसे बड़ा पैमाना वहां होने वाला निवेश होता है।


सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में सुधारों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने हाईवे पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश की पहली समर्पित सड़क सुरक्षा फोर्स शुरू की है।


पुलिस के आधुनिकीकरण संबंधी बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन पहल के तहत 508 नई बोलेरो गाड़ियों को रवाना किया जा रहा है।


विशेष इकाइयों को मजबूत करने संबंधी मुख्यमंत्री ने कहा कि एएनटीएफ को 22 महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन दिए गए हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने अतीत में आतंकवाद का कठिन दौर देखा है, लेकिन पुलिस बल के बलिदानों से राज्य में शांति स्थापित हुई है।


भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही पुलिस व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जाएगा।


किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार कृषि भूमि से गुजरने वाली हाई-टेंशन बिजली लाइनों को भूमिगत करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है।


भर्ती के बारे में उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से अब तक पंजाब पुलिस में 12,197 भर्तियां की जा चुकी हैं।


पारदर्शी शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग पूरी जिम्मेदारी के साथ विकास कार्यों में किया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि जहां अन्य राजनीतिक दल केवल सत्ता हासिल करने पर ध्यान देते हैं, वहीं उनकी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि क्षेत्रों में सुधार पर विशेष ध्यान दे रही है।


विपक्षी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कुछ नेता जनता को भ्रमित कर सत्ता में वापसी के सपने देख रहे हैं।