पंजाब में किसान करेंगे रेल मार्ग बाधित, मांगें पूरी न होने पर प्रदर्शन
किसानों का रेल रोको आंदोलन
किसान करेंगे 12 से 3 बजे तक रेल मार्ग बाधित
पंजाब के किसान एक बार फिर से अपनी लंबित मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। राज्यव्यापी प्रदर्शन के चलते कल रेल यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। किसानों ने सरकार की वादाखिलाफी और लंबित मांगों के खिलाफ रेल रोको आंदोलन का ऐलान किया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि 17 अप्रैल को किसान विरोध प्रदर्शन करेंगे, जिसमें दोपहर 12 से 3 बजे तक रेलवे ट्रैक पर धरना दिया जाएगा।
गेहूं खरीद में देरी का मुद्दा
यह आंदोलन मुख्य रूप से गेहूं खरीद में हो रही देरी के कारण किया जा रहा है। पंधेर ने कहा कि मौजूदा खरीद व्यवस्था से किसान संतुष्ट नहीं हैं, इसलिए यह कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने सभी किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस आंदोलन में शामिल हों और अपने क्षेत्र के अन्य किसानों को भी जागरूक करें।
प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव
किसानों का कहना है कि हाल की बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। इसके बावजूद सरकार ने गेहूं की खरीद प्रक्रिया को सही तरीके से शुरू नहीं किया है। मंडियों में फसलें पड़ी हुई हैं और किसानों को उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। पंधेर ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण पहले से ही किसान संकट में हैं, लेकिन सरकार इस स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रही है।
किसानों ने आरोप लगाया है कि मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू न होने से व्यापारी कीमतों में कटौती कर रहे हैं। इस संयुक्त आंदोलन को कई प्रमुख किसान संगठनों का समर्थन प्राप्त है, जिनमें किसान मजदूर संघर्ष समिति, बीकेयू एकता आजाद, और अन्य संगठन शामिल हैं। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने तुरंत खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
