पंजाब में ट्राइडेंट ग्रुप की फैक्ट्री पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का छापा
पंजाब में ट्राइडेंट ग्रुप पर कार्रवाई
चंडीगढ़- पंजाब के प्रमुख औद्योगिक समूहों में से एक, ट्राइडेंट ग्रुप के धौला स्थित परिसर में पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने गुरुवार को अचानक छापा मारा। यह कार्रवाई लगभग दो घंटे तक चली, जिसमें अधिकारियों ने फैक्ट्री के अंदर प्लांट और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की।
राजनीतिक संदर्भ में बढ़ी चर्चा
राजनीतिक एंगल से बढ़ी चर्चा
यह कार्रवाई उस समय हुई है जब ट्राइडेंट ग्रुप के संस्थापक राजिंदर गुप्ता हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं। वह उन राज्यसभा सांसदों में से हैं जिन्होंने हाल ही में पार्टी बदली है। इस संदर्भ में राज्य सरकार के अधीन आने वाले प्रदूषण विभाग की इस रेड को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अचानक कार्रवाई से फैक्ट्री में हड़कंप
अचानक कार्रवाई से मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, लगभग 10 अधिकारियों की टीम 3-4 वाहनों में मौके पर पहुंची और बिना किसी पूर्व सूचना के जांच शुरू कर दी। इस अचानक कार्रवाई से फैक्ट्री परिसर में हड़कंप मच गया, और जांच देर तक जारी रही।
दस्तावेजों और प्लांट की गहन जांच
दस्तावेजों और प्लांट की जांच
सूत्रों के अनुसार, टीम ने प्लांट के संचालन, उत्सर्जन मानकों और अन्य आवश्यक कागजातों की बारीकी से जांच की। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अब तक किसी भी प्रकार की अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई है।
संपत्ति को लेकर उठे सवाल
संपत्ति को लेकर भी चर्चा
राज्यसभा चुनाव के दौरान दिए गए हलफनामे के अनुसार, राजिंदर गुप्ता 10वीं पास हैं और उनके नाम पर व्यक्तिगत रूप से न तो कोई कार है और न ही कोई कृषि या व्यावसायिक संपत्ति। इसके बावजूद, उनका परिवार लगभग 5,053 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति का मालिक है, जिसमें बड़ी हिस्सेदारी चल संपत्ति की बताई गई है।
बिना कर्ज के खड़ा किया बड़ा कारोबार
बिना कर्ज खड़ा किया बड़ा कारोबार
बताया जाता है कि गुप्ता परिवार ने बिना किसी कर्ज के ट्राइडेंट जैसा बड़ा औद्योगिक साम्राज्य खड़ा किया है, जो आज देश के प्रमुख उद्योग समूहों में गिना जाता है। फिलहाल, इस पूरी कार्रवाई को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत बयान का इंतजार है, जबकि राजनीतिक और औद्योगिक दोनों हलकों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
