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पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान का दूसरा चरण शुरू

पंजाब में 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान का दूसरा चरण आज से शुरू हो गया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग का फील्ड स्टाफ गांवों और शहरों में जाकर नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए घर-घर जाएगा। नशा छोड़ चुके युवाओं को प्रेरक वक्ता के रूप में शामिल किया जाएगा, ताकि वे अपने अनुभव साझा कर सकें। इस अभियान का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
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पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान का दूसरा चरण शुरू

नशा मुक्त पंजाब के लिए जागरूकता अभियान

चंडीगढ़: पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान का दूसरा चरण आज से आरंभ हो रहा है। ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग का फील्ड स्टाफ अब गांवों और शहरी क्षेत्रों में जाकर लोगों से संपर्क करेगा और नशे से संबंधित आंकड़े एकत्रित करेगा। सरकार का उद्देश्य नशे की समस्या का सही आंकड़ा जुटाना और लोगों को इसके प्रति जागरूक करना है।


इसके अलावा, नशा छोड़ चुके युवाओं को प्रेरणा के रूप में लोगों के बीच लाया जाएगा, ताकि वे अपने अनुभव साझा कर सकें और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैला सकें। मोहाली में फील्ड स्टाफ को इस संबंध में प्रशिक्षण दिया जा चुका है।


कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सौंद ने बताया कि इस चरण में वे युवा, जो पहले नशे के शिकार थे और अब सामान्य जीवन जी रहे हैं, समाज में प्रेरक वक्ता बनेंगे। ये युवा अपने अनुभव साझा कर लोगों, विशेषकर युवाओं को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि गांवों और शहरी वार्डों में घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।


इसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी को सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि नशे के दुष्प्रभावों के बारे में व्यापक जन-जागरूकता पैदा की जा सके। मंत्री ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य फील्ड स्टाफ की क्षमता को बढ़ाना, पंचायतों को सशक्त बनाना और संसाधनों को मजबूत करना भी है।