पंजाब में नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई, बठिंडा पुलिस का पूरा स्टाफ स्थानांतरित
मुख्यमंत्री भगवंत मान की कड़ी कार्रवाई
चंडीगढ़- पंजाब में नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। बठिंडा के सदर पुलिस थाने के सभी कर्मचारियों का तबादला कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब की गई जब नशे के कारण हो रही मौतों पर पुलिस की लापरवाही की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री के पास पहुंची।
रविवार को बठिंडा के बलवंत गार्गी ऑडिटोरियम में पंचायत प्रतिनिधियों, नेताओं और अधिकारियों की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। गांव गुलाबगढ़ के सरपंच लाखा सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके गांव और आस-पास के क्षेत्रों में नशीले पदार्थों के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन पुलिस को बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लेते हुए सदर पुलिस स्टेशन के सभी कर्मचारियों को बठिंडा से हटाकर पठानकोट भेजने और नए कर्मचारियों की तैनाती का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं, तो फिर यह कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? लोग शिकायतें क्यों कर रहे हैं? इस देरी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तुरंत कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह को कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई। डीआईजी ने बताया कि संबंधित स्टाफ का तबादला मानसा कर दिया गया है और जल्द ही नए कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
इस पूरे घटनाक्रम पर सरपंच लाखा सिंह ने कहा कि उन्होंने केवल अपने गांव की समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखी थीं। उनका कहना है कि क्षेत्र में नशे का कारोबार लगातार बढ़ रहा है और कई परिवार इस वजह से प्रभावित हो चुके हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही थी। अब उन्हें उम्मीद है कि सरकार की इस सख्ती से हालात में सुधार आएगा।
