पंजाब में पुलिस की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए 508 हाईटेक वाहन समर्पित
पंजाब में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम
संगरूर: पंजाब में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने संगरूर जिले के धूरी में एक भव्य समारोह में पंजाब पुलिस को 508 अत्याधुनिक 'क्विक रिस्पांस वाहन' समर्पित किए। मुख्यमंत्री ने इन हाईटेक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव और अन्य वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी राज्य की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब उसकी पुलिस तकनीकी रूप से सशक्त और सतर्क हो।
112 डायल करने पर अब तेजी से मिलेगी मदद
508 क्विक रिस्पांस वाहनों के शामिल होने से पंजाब की जनता को सीधा लाभ मिलेगा। अब इमरजेंसी नंबर 112 पर सूचना मिलने पर पुलिस पहले से कहीं अधिक तेजी से प्रतिक्रिया दे सकेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले 112 डायल करने पर पुलिस को घटनास्थल तक पहुंचने में 12 से 13 मिनट लगते थे, लेकिन अब ये वाहन महज 6 से 7 मिनट में मौके पर पहुंच जाएंगे। यह कदम राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
पुलिस को हाईटेक बनाने में 327 करोड़ रुपये का निवेश
इस समारोह में डीजीपी गौरव यादव ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार ने पंजाब पुलिस के वाहन बेड़े को अपग्रेड करने के लिए लगभग 327 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। नए वाहनों की आधुनिक तकनीक और संचार प्रणालियों से लैस होने से पुलिस की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। आपातकालीन स्थितियों में त्वरित और सटीक कार्रवाई करना अब पुलिस के लिए आसान होगा।
पंजाब पुलिस को देश में सर्वश्रेष्ठ बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर उन्होंने पंजाब की जनता से वादा किया था कि पंजाब पुलिस को देश के सबसे बेहतरीन और आधुनिक पुलिस बलों में शामिल किया जाएगा। आज इसी दिशा में पुलिस को बेहतरीन संसाधन, आधुनिक तकनीकी सहायता और उच्च स्तर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन नई गाड़ियों के सड़कों पर उतरने से न केवल अपराधियों पर नियंत्रण होगा, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा और न्याय की भावना भी मजबूत होगी।
