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पंजाब में बेअदबी के मामलों के लिए उम्रकैद का नया कानून

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बेअदबी के मामलों के लिए एक नया कानून लाने की घोषणा की है, जिसमें उम्रकैद का प्रावधान होगा। यह कानून 13 अप्रैल को विशेष सत्र में पेश किया जाएगा। मान ने विपक्षी पार्टियों पर तीखा हमला करते हुए उनके शासनकाल की आलोचना की और कांग्रेस के भीतर नेतृत्व की लड़ाई पर भी टिप्पणी की। जानें इस महत्वपूर्ण कानून और राजनीतिक स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
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पंजाब में बेअदबी के मामलों के लिए उम्रकैद का नया कानून

मुख्यमंत्री मान ने कानून बनाने की घोषणा की


13 अप्रैल को विशेष सत्र में पेश होगा नया कानून


पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हाल ही में घोषणा की है कि राज्य में बेअदबी के मामलों के लिए एक कठोर कानून लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल को बैसाखी के अवसर पर एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा, जिसमें इस कानून का प्रस्ताव रखा जाएगा। इस कानून में बेअदबी के मामलों में उम्रकैद की सजा का प्रावधान होगा और जमानत नहीं दी जाएगी। मान ने आगामी 2027 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाने का संकेत दिया।


उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास सिख विरोधी दंगों से जुड़ा रहा है, जबकि अकाली दल अपने काले कारनामों के कारण बदनाम हो चुका है। मान ने अपनी पार्टी को बेहतर शासन का एकमात्र विकल्प बताया है, जो पंजाब को रंगला बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।


विपक्ष पर तीखा हमला

मुख्यमंत्री ने भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल पर तीखा हमला करते हुए उनके शासनकाल की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि ये पार्टियां भाई-भतीजावाद और आपराधिक तत्वों को बढ़ावा देती हैं। मान ने केंद्र सरकार को भी बढ़ती गरीबी और समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराया।


अकाली दल की पंजाब बचाओ यात्रा पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि इसे 'परिवार बचाओ यात्रा' कहा जाना चाहिए। मान ने चुनौती दी कि अकाली नेता स्पष्ट करें कि 15 वर्षों तक राज्य को लूटने के बाद अब वे किससे पंजाब को बचाने का दावा कर रहे हैं।


कांग्रेस में नेतृत्व की लड़ाई

कांग्रेस पर हमला करते हुए मान ने कहा कि पार्टी के हर नेता मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की संख्या से ज्यादा मुख्यमंत्री हैं। मान ने यह भी कहा कि हाल ही में एक रैली में कांग्रेस के शीर्ष नेता ने उन्हें सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई।


उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक विभाजित पार्टी है, जो आंतरिक संघर्ष के कारण बिखरने के कगार पर है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें एकजुट करने के लिए भेजे गए नेताओं को उनके नाम तक सही से बोलना नहीं आता।