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पंजाब में राजस्थान फीडर नहर की रीलाइनिंग परियोजना का निरीक्षण

पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने राजस्थान फीडर नहर की रीलाइनिंग परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्य समय पर पूरा किया जाए। इस परियोजना का उद्देश्य नहरों के जर्जर होने से होने वाले नुकसान को रोकना और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है। 800 करोड़ रुपये की लागत से पहले ही सरहिंद फीडर नहर का पुनर्निर्माण किया जा चुका है। जानें इस महत्वपूर्ण परियोजना के बारे में और कैसे यह स्थानीय किसानों और गांवों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
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पंजाब में राजस्थान फीडर नहर की रीलाइनिंग परियोजना का निरीक्षण

कैबिनेट मंत्री का नहर रीलाइनिंग कार्य का निरीक्षण


पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज राजस्थान फीडर नहर की रीलाइनिंग परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यह कार्य समय पर पूरा किया जाए। गोयल ने बताया कि यह नहर कई गांवों और शहरों के निकट से गुजरती है और इसकी पुरानी स्थिति के कारण यह जर्जर हो चुकी थी। पहले, राजस्थान फीडर नहर और सरहिंद फीडर के कामन बैंक के टूटने से आसपास के क्षेत्रों में नुकसान का खतरा बना रहता था।


800 करोड़ रुपये की लागत से रीलाइनिंग कार्य

इस नुकसान को रोकने के लिए रीलाइनिंग कार्य किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि सरहिंद फीडर नहर का पुनर्निर्माण पहले ही 800 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जा चुका है। अब, राजस्थान फीडर नहर की रीलाइनिंग के बाद, आसपास के गांवों और शहरों को संभावित नुकसान से बचाया जा सकेगा और खेतों को अधिक नहरी पानी उपलब्ध होगा।


जल संरक्षण के लिए ईंटों की लाइनिंग

गोयल ने कहा कि फरीदकोट की सामाजिक संस्थाओं और किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए, राजस्थान फीडर की 12.50 किलोमीटर लंबाई में कंक्रीट की बजाय ईंटों की लाइनिंग की जा रही है, जिससे भूजल रिचार्ज सुनिश्चित हो सके।


नहर की क्षमता के अनुसार जल आपूर्ति

उन्होंने कहा कि रीलाइनिंग कार्य के पूरा होने के बाद नहर को उसकी क्षमता के अनुसार चलाया जाएगा और राजस्थान को उसके हिस्से के अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह परियोजना सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा और भूजल संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। गोयल ने बताया कि राजस्थान फीडर नहर की 80 किलोमीटर रीलाइनिंग का कार्य 2023 तक सफलतापूर्वक पूरा किया गया था, लेकिन नहर बंदी नहीं मिलने के कारण शेष कार्य पूरा नहीं हो सका था। अब, 2026 की बंदी के दौरान बाकी 16.62 किलोमीटर लाइनिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है, जिस पर लगभग 170 करोड़ रुपये की लागत आएगी।