पंजाब सरकार ने उद्योगों के लिए निवेश को बढ़ावा देने में हासिल की सफलता
पंजाब में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल
पंजाब सरकार ने विभिन्न योजनाओं को लागू करके उद्योगपतियों के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाने में सफलता प्राप्त की है। इस प्रयास के चलते राज्य में निवेश में वृद्धि हो रही है। पिछले चार वर्षों में, पंजाब ने 1.55 लाख करोड़ रुपए का रिकॉर्ड निवेश आकर्षित किया है। इसका एक प्रमुख उदाहरण मोहाली में आयोजित प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट 2026 है, जिसमें ब्रिटेन, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ साझेदारी की गई।
राइट टू बिजनेस एक्ट के अंतर्गत, एमएसएमई उद्योग 5 से 18 दिनों के भीतर स्वघोषणा के आधार पर फैक्ट्री की मंजूरी प्राप्त कर सकते हैं। फास्टट्रैक पंजाब सिंगल-विंडो पोर्टल पर 50 से अधिक अनुमतियां और 200 सेवाएं उपलब्ध हैं। यदि 45 दिनों के भीतर मंजूरी नहीं मिलती, तो स्वीकृति स्वतः मानी जाती है।
पंजाब इंडस्ट्रियल एंड बिजनेस डेवलपमेंट पॉलिसी 2026 के तहत, उद्योगों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार प्रोत्साहन पैकेज चुनने का विकल्प दिया गया है। डेलीगेशन ऑफ पावर्स के माध्यम से विकेंद्रीकरण को बढ़ावा दिया गया है, जिससे एक ही अधिकारी को अधिक जिम्मेदारियां दी जा सकें और विभिन्न स्तरों पर अनुमोदन की आवश्यकता न पड़े। इससे कार्य में तेजी आई है और समय की बचत हुई है।
पहले उद्योगों से प्राप्त टैक्स स्थानीय सरकार को जाता था, लेकिन अब यह सुनिश्चित किया गया है कि उद्योगों से आने वाला धन उसी क्षेत्र में खर्च हो, जिससे बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा और उद्योगपतियों को सीधा लाभ मिलेगा।
हाल ही में, पंजाब मंत्रिमंडल ने पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दी है। इस कानून के तहत औद्योगिक फोकल प्वाइंट्स और क्लस्टरों के संचालन एवं रखरखाव के लिए एकीकृत तंत्र स्थापित किया जाएगा। दोहरे कराधान को समाप्त करते हुए, अब सेवा शुल्क में नगरपालिका क्षेत्रों का संपत्ति कर शामिल होगा। सेवा शुल्क की वसूली पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के बिजली बिलों के माध्यम से की जाएगी, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और सरल बनेगी.
