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पंजाब सरकार ने गैंगस्टरों के खिलाफ ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान की शुरुआत की

पंजाब सरकार ने गैंगस्टरों के खिलाफ एक नई मुहिम ‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत 12,000 पुलिस कर्मियों की तैनाती के साथ 2000 टीमें 60 विदेशी गैंगस्टरों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। डीजीपी गौरव यादव ने इस अभियान की विस्तृत जानकारी दी और युवाओं से अपील की कि वे अपराध की दुनिया से बाहर निकलें। जानें इस अभियान के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
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पंजाब सरकार ने गैंगस्टरों के खिलाफ ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान की शुरुआत की

गैंगस्टरों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई

चंडीगढ़ - पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में गैंगस्टरों के खिलाफ एक नई मुहिम ‘गैंगस्टरां ते वार’ शुरू की है। यह अभियान राज्य में गैंगस्टरवाद को समाप्त करने के लिए चलाया जा रहा है।


पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने इस अभियान की घोषणा करते हुए बताया कि 12,000 पुलिस कर्मियों की तैनाती के साथ 2000 पुलिस टीमें 60 विदेशी गैंगस्टरों के सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। यह कार्रवाई 72 घंटे तक चलने वाले ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत की जा रही है।


डीजीपी ने पंजाब पुलिस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट (पीपीओआई) में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि गैंगस्टरवाद के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति को लागू किया जाएगा। इस नीति के तहत गैंगस्टरों के वित्तीय नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स, और हथियारों की सप्लाई चेन को ध्वस्त करने का लक्ष्य है।


गौरव यादव ने विदेशों में बैठे गैंगस्टरों को चेतावनी दी कि वे खुद को सुरक्षित न समझें, क्योंकि उन्हें जल्द ही पंजाब लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस ने ऐसे 60 गैंगस्टरों की पहचान की है जो विदेशों से अपने साथियों के माध्यम से अपराध करवा रहे हैं।


डीजीपी ने कहा कि इन गैंगस्टरों के प्रत्यर्पण के लिए एक ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) स्थापित किया गया है। 60 में से 23 गैंगस्टरों के खिलाफ पहले ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा चुके हैं।


डीजीपी ने युवाओं से अपील की कि वे अपराध की दुनिया से बाहर निकलें और मुख्यधारा में लौटें। उन्होंने चेतावनी दी कि जो युवा अपराध का रास्ता नहीं छोड़ेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


इस अवसर पर, डीजीपी ने एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 की शुरुआत की, जिससे लोग गोपनीय रूप से जानकारी साझा कर सकते हैं। यदि किसी सूचना के आधार पर गिरफ्तारी होती है, तो 10 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा।


डीजीपी ने बताया कि पंजाब सरकार ने इनाम नीति को मंजूरी दी है, जिसके तहत 10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह इनाम उन व्यक्तियों को दिया जाएगा जो गिरफ्तारियों में मदद करेंगे।