पंजाब हाईकोर्ट ने हरभजन सिंह की सुरक्षा पर उठाए सवाल
सुरक्षा तैनाती पर सवाल
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या को लेकर पंजाब सरकार से गंभीर सवाल पूछे हैं। अदालत ने यह जानना चाहा कि जब केवल 8 पुलिसकर्मियों की तैनाती की मंजूरी थी, तो फिर 23 पुलिसकर्मी कैसे तैनात किए गए। कोर्ट ने यह भी पूछा कि 15 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती किस आदेश पर की गई। पंजाब सरकार को इस मामले में बुधवार तक जवाब देने के लिए कहा गया है।
हरभजन सिंह की सुरक्षा में बदलाव
हरभजन सिंह उन सात सांसदों में शामिल हैं जिन्होंने आम आदमी पार्टी को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया। इसके बाद पंजाब सरकार ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली और उनके घर के बाहर तैनात लगभग 10 पुलिसकर्मियों को भी हटा दिया। सुरक्षा हटने के बाद उनके निवास के बाहर लोगों ने प्रदर्शन किया और दीवारों पर 'गद्दार' लिख दिया। इसी संदर्भ में कोर्ट में सुनवाई चल रही थी।
कोर्ट में हरभजन का मामला
हरभजन सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा बिना किसी नए खतरे के आकलन और बिना नोटिस के हटा दी गई। पहले भी कोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया था कि हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
पंजाब सरकार को निर्देश
हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा को सुनिश्चित करने का निर्देश दोहराया है। इसके साथ ही सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि आधिकारिक मंजूरी से अधिक पुलिसकर्मी किस आधार पर और किसके आदेश पर तैनात किए गए थे। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह मामला केवल हरभजन सिंह तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब में वीआईपी सुरक्षा के लिए पुलिस के उपयोग की समीक्षा की जाएगी। अगली सुनवाई 20 मई को होगी।
राजनीतिक विवाद
हरभजन सिंह 10 अप्रैल 2022 को आम आदमी पार्टी की टिकट पर राज्यसभा पहुंचे थे। वह अपने परिवार के साथ पंजाब के जालंधर में निवास करते हैं। जब उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़ने की घोषणा की, तो पंजाब सरकार ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली, जिससे राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया।
