पठानकोट में बाढ़ से तबाही: रावी और उज नदियों का कहर
पठानकोट ज़िले में रावी और उज नदियों ने हाल ही में भारी तबाही मचाई है, जिससे कई गाँव टापू में तब्दील हो गए हैं। प्रशासन राहत कार्य में जुटा है, जबकि स्थानीय मंत्री ने स्थिति का जायजा लिया है। जानें इस आपदा के प्रभाव और राहत प्रयासों के बारे में।
Aug 28, 2025, 18:03 IST
| पठानकोट में बाढ़ का असर
पठानकोट ज़िले में रावी और उज नदियों ने हाल ही में भारी तबाही मचाई, जिससे क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। अब जब हालात में सुधार आ रहा है, तब नुकसान की तस्वीरें सामने आ रही हैं। इन नदियों ने स्थानीय निवासियों के घरों, सड़कों और पुलों को गंभीर नुकसान पहुँचाया है। भारत-पाक सीमा भी इस आपदा से अछूती नहीं रही।बामियाल सेक्टर में भारतीय चौकी के दृश्य अत्यंत चिंताजनक हैं, जहाँ रावी और उज नदियों के कारण व्यापक नुकसान हुआ है। कई जगहों पर कंटीले तार क्षतिग्रस्त हो गए हैं और चौकी की इमारत भी झुक गई है। रावी नदी के पार, पठानकोट और गुरदासपुर ज़िलों के लगभग 7 गाँव टापू में तब्दील हो गए हैं, जहाँ फंसे लोगों को राशन पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने भी इस बीएसएफ चौकी का दौरा किया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भारत-पाक सीमा और रावी नदी के बीच स्थित परयाल, लसियां और अन्य गाँवों तक अभी तक कोई सहायता नहीं पहुँचाई गई है, लेकिन प्रशासन आज उनकी मदद करने की कोशिश कर रहा है। मंत्री ने पहाड़ीपुर चौकी का दौरा करते हुए बताया कि वहाँ भी काफी नुकसान हुआ है।