परगट सिंह ने मुख्यमंत्री पर शिक्षा के मुद्दे पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाया
मुख्यमंत्री पर आरोप
चंडीगढ़ - पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर शिक्षा के मुद्दे पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस)-2021 की रिपोर्ट को लेकर आम आदमी पार्टी का रवैया पूरी तरह विरोधाभासी रहा है। आज मुख्यमंत्री और उनकी सरकार जिस नीति आयोग शिक्षा रैंकिंग का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं, वह उसी एनएएस-2021 सर्वे पर आधारित है, जिसे 2022 में आम आदमी पार्टी ने ‘फर्जी’ और ‘भ्रामक’ बताया था।
परगट ने कहा कि उस समय पंजाब के शिक्षकों, सरकारी स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था को खुलेआम बदनाम किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को पंजाब के शिक्षकों और शिक्षा विभाग से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। परगट ने यह सवाल उठाया कि अगर एनएएस-2021 का डेटा आज सरकार के लिए उपलब्धि का आधार बन सकता है, तो मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि 2022 में उन्होंने उसी सर्वे को झूठा क्यों बताया था।
परगट सिंह ने बताया कि एनएएस-2021 में पंजाब पूरे देश में शिक्षा के क्षेत्र में पहले स्थान पर रहा था। यह उपलब्धि पिछली सरकारों के समय शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा ढांचे की मेहनत का परिणाम थी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का बहु-प्रचारित ‘दिल्ली मॉडल’ उस समय पंजाब के प्रदर्शन के सामने कहीं नहीं टिकता था। परगट ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी हर मुद्दे पर राजनीतिक सुविधा के अनुसार अपना रुख बदलती है। जब आंकड़े उनके खिलाफ होते हैं तो उन्हें फर्जी बताया जाता है और जब वही आंकड़े राजनीतिक लाभ देने लगते हैं तो उनका श्रेय लेने की कोशिश शुरू हो जाती है।
