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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के पीए की हत्या में गलत पहचान से गिरफ्तारी का मामला

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में राज सिंह की गिरफ्तारी और बाद में रिहाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राज सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्हें गलत पहचान के कारण गिरफ्तार किया गया और उन पर दबाव डाला गया कि वे अपराध स्वीकार करें। उन्होंने सीबीआई की भूमिका की सराहना की, जो निष्पक्ष जांच कर रही है। जानें इस मामले में क्या हुआ और राज सिंह ने क्या कहा।
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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के पीए की हत्या में गलत पहचान से गिरफ्तारी का मामला

राज सिंह की गिरफ्तारी और रिहाई की कहानी

उत्तर प्रदेश में राज सिंह को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। हाल ही में उन्हें यह कहते हुए रिहा किया गया कि उनकी गिरफ्तारी गलत पहचान के कारण हुई थी। रिहाई के बाद, राज सिंह ने मीडिया के सामने अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने कहा कि अगर सीबीआई की टीम समय पर नहीं आती, तो उनका एनकाउंटर भी हो सकता था। राज ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर दबाव डाला गया कि वे अपराध स्वीकार कर लें। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम के खिलाफ कार्रवाई की जाए।


चंद्रनाथ रथ की हत्या का मामला

चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई को पश्चिम बंगाल में हुई थी। यूपी पुलिस ने 11 मई को अयोध्या पुलिस की मदद से राज सिंह को गिरफ्तार किया। इससे पहले, विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा की गवाही के आधार पर राज सिंह को पकड़ा गया। राज सिंह बलिया के निवासी हैं। अब उन्हें छोड़ने के बाद असली राज कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है। जब तक राज सिंह पुलिस की गिरफ्त में थे, उनकी मां ने बार-बार कहा कि उनका बेटा निर्दोष है।


राज सिंह का बयान

राज सिंह ने अपनी गिरफ्तारी के बारे में बताया, 'कोई राज कुमार सिंह नाम का व्यक्ति है, जिसका इससे कोई संबंध नहीं है। मुझे राज सिंह समझकर गिरफ्तार किया गया। मैं अपनी मां के साथ अयोध्या गया था राम जी के दर्शन करने। दर्शन के बाद, हम एक होटल में खाना खाने के लिए रुके थे। खाना खाने के बाद, एसओजी टीम ने हमें गिरफ्तार कर लिया। हमें अपने ऑफिस ले जाया गया। मेरी मां चिल्लाती रहीं, लेकिन हमारी बात नहीं सुनी गई। जब मुझसे पूछा गया कि मैं 6 को कहां था, मैंने बताया कि मैं बलिया में था। उन्होंने कहा कि मैं झूठ बोल रहा हूं और मुझे एनकाउंटर कर देंगे। मुझे बहुत डराया गया कि मैं अपने मुंह से कह दूं कि मैं दोषी हूं।'


सीबीआई की भूमिका

राज सिंह ने आगे कहा, 'मैं सत्य पर था, इसलिए मैं डरा नहीं। मैंने बार-बार कहा कि मैंने कुछ नहीं किया। फिर कलकत्ता की पुलिस आई, मुझे ले गई और सीआईडी को सौंपा गया। वहां भी मुझे टॉर्चर किया गया। मुझसे कहा गया कि मैं अपराधी हूं। उनकी मंशा एनकाउंटर की थी। जब से सीबीआई आई है, उन्होंने निष्पक्ष जांच की और सच सामने लाया। मैं सीबीआई को धन्यवाद देता हूं कि वे अपराधी और निर्दोष में फर्क जानती हैं।'


एसओजी के खिलाफ कार्रवाई की मांग

राज सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि एसओजी टीम के खिलाफ कार्रवाई की जाए, क्योंकि उनकी छवि को धूमिल किया गया है और बीजेपी पर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, 'मैं बीजेपी का नेता हूं और मेरे पास प्रमाण हैं कि मैं बीजेपी का हूं।'


चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच

गौरतलब है कि चंद्रनाथ रथ को 6 मई को घेरकर गोली मारी गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है और अब तक उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।