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पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी पर हमले के चार आरोपी गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ममता बनर्जी ने इसे सुनियोजित साजिश करार दिया है। अभिषेक की जान हेलमेट पहनने के कारण बच गई, लेकिन उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। इस घटना ने राज्य की राजनीतिक स्थिति को और भी तनावपूर्ण बना दिया है। जानें इस हमले के पीछे की पूरी कहानी और ममता बनर्जी के आरोपों के बारे में।
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पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी पर हमले के चार आरोपी गिरफ्तार

कोलकाता में राजनीतिक तनाव बढ़ा


कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति एक बार फिर से गर्म हो गई है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के सिलसिले में पुलिस ने रविवार को चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों और वीडियो फुटेज के आधार पर रातभर छापेमारी की गई, जिसके परिणामस्वरूप आरोपियों को पकड़ा गया।


ममता बनर्जी का बयान

अगर हेलमेट नहीं होता तो बड़ा हादसा हो सकता था: ममता बनर्जी


घटना के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे एक सुनियोजित साजिश बताया। उन्होंने कहा कि अभिषेक ने हेलमेट पहना हुआ था, जिसके कारण उनकी जान बच गई। ममता ने यह भी कहा कि हमले के कारण अभिषेक के शरीर में खून के थक्के जम गए थे और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए, यह कहते हुए कि भाजपा नेताओं और दक्षिण कोलकाता के डीसीपी ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर दबाव डाला कि अभिषेक को जल्दी डिस्चार्ज किया जाए।


घटना का विवरण

दरअसल, शनिवार को अभिषेक बनर्जी दक्षिण सोनारपुर क्षेत्र में चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित टीएमसी कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान भारी हंगामा हुआ। आरोप है कि भाजपा समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान उन पर पत्थर, जूते और अंडे फेंके गए। धक्का-मुक्की में उनकी शर्ट भी फट गई। हालात बिगड़ते देख सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें हेलमेट पहनाकर सुरक्षित निकाला।


पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी पर हमले के चार आरोपी गिरफ्तार

अस्पताल से घर जाते हुए अभिषेक बनर्जी


घटना के बाद, उन्हें पहले अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें घर पर आराम करने की सलाह दी। बाद में, उन्हें बेले व्यू अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज घर पर चल रहा है। यह ध्यान देने योग्य है कि दक्षिण 24 परगना का सोनारपुर क्षेत्र लंबे समय से राजनीतिक तनाव का केंद्र रहा है। विधानसभा चुनाव 2026 के बाद यहां कई हिंसक घटनाएं हुई हैं, जिनमें टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच टकराव शामिल हैं।