पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ रोकने के लिए 'डिटेक्ट-डिलीट-डिपोर्ट' नीति लागू
मुख्यमंत्री का नया कदम
पश्चिम बंगाल में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए आज से 'डिटेक्ट-डिलीट-डिपोर्ट' नीति लागू करने की घोषणा की है। यह घोषणा राज्य सचिवालय में एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद की गई। इस नीति के लागू होने से सीमावर्ती जिलों में गतिविधियाँ तेज हो गई हैं।
नीति के नियमों का कार्यान्वयन
मुख्यमंत्री ने बताया कि आज से पूरे राज्य में 'डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट' नीति के सख्त नियम लागू होंगे। उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 14 मई, 2025 को जारी अधिसूचना को नजरअंदाज किया गया। सुवेंदु ने स्पष्ट किया कि सीएए (CAA) के दायरे से बाहर पाए जाने वाले व्यक्तियों को अवैध घुसपैठिया मानकर हिरासत में लिया जाएगा।
पुलिस को सख्त निर्देश
इस नई नीति को प्रभावी बनाने के लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता और गृह सचिव को कड़े निर्देश दिए गए हैं। सभी सीमावर्ती पुलिस थानों को संदिग्धों की धरपकड़ शुरू करने के लिए कहा गया है। चिन्हित घुसपैठियों को स्थानीय पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपा जाएगा, जो उन्हें उनके देश वापस भेजने की व्यवस्था करेगा।
गंभीर अपराधों की बढ़ती संख्या
मुख्यमंत्री ने जनसांख्यिकी और सुरक्षा के मुद्दे को उठाते हुए पड़ोसी देश से होने वाली घुसपैठ को राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि इस कारण से राज्य में राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों, जबरन धर्मांतरण और महिलाओं तथा बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराधों में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि देश और राज्य की आंतरिक संप्रभुता की रक्षा के लिए इस समस्या का समाधान करना आवश्यक है।
पूर्ववर्ती सरकार पर आरोप
भारत-बांग्लादेश की सीमा का 2,200 किलोमीटर का हिस्सा पश्चिम बंगाल से सटा हुआ है। अधिकारी ने कहा कि अन्य राज्यों ने अपनी सीमाएं सुरक्षित कर ली हैं, लेकिन बंगाल में पिछली सरकार के असहयोग के कारण लगभग 600 किलोमीटर का हिस्सा असुरक्षित रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने विशेष 'वोट बैंक' को बचाने के लिए पूर्व केंद्रीय गृह मंत्रियों के अनुरोधों को नजरअंदाज किया।
सुरक्षा के लिए भूमि हस्तांतरण
सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने भारत-बांग्लादेश सीमा के संवेदनशील 27 किलोमीटर लंबे हिस्से में कंटीले तारों की बाड़ लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए आवश्यक भूमि अगले दो सप्ताह में सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप दी जाएगी। सुवेंदु ने कहा कि सीमा प्रबंधन को पूरी तरह से मजबूत करने और अवैध रास्तों को स्थायी रूप से बंद करने की यह मुहिम जारी रहेगी।
