पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा: भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं की मौत से बढ़ा तनाव
कोलकाता में चुनाव परिणामों के बाद तनाव
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणामों के बाद स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो गई है। राजनीतिक टकराव अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है, जहां विभिन्न क्षेत्रों से हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में भाजपा के दो और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक कार्यकर्ता की मौत ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
न्यू टाउन में भाजपा कार्यकर्ता की हत्या
कोलकाता के न्यू टाउन क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि टीएमसी समर्थकों ने उसकी पिटाई की, जिसके बाद उसकी स्थिति बिगड़ गई। यह घटना भाजपा के विजय जुलूस के दौरान हुई, जहां किसी बात पर बहस बढ़ गई और मामला हिंसा में बदल गया।
मंडल को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और भाजपा समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़कें जाम कर दीं। कुछ स्थानों पर टीएमसी कार्यकर्ताओं के घरों को भी निशाना बनाया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बलों को तैनात किया गया।
बीरभूम में टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या
बीरभूम जिले के नानूर क्षेत्र से भी एक गंभीर घटना की सूचना मिली है। यहां टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, संतोषपुर गांव में किसी विवाद के दौरान उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है। टीएमसी के स्थानीय विधायक विधान माझी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, भाजपा नेता श्यामापद मंडल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हावड़ा में एक और भाजपा कार्यकर्ता की मौत
हावड़ा जिले के उदय नारायणपुर क्षेत्र में भी भाजपा से जुड़े एक कार्यकर्ता यादव बर की मौत की खबर आई है। मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि 'जय श्रीराम' के नारे लगाने और जश्न मनाने के दौरान उस पर हमला किया गया था। इस घटना ने भी इलाके में तनाव को और बढ़ा दिया है।
राज्य में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं
राज्य के कई हिस्सों में न केवल जानलेवा हमले हुए हैं, बल्कि तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं। कोलकाता के टालीगंज स्थित बिजयगढ़-नेताजी नगर इलाके में पूर्व मंत्री अरूप विश्वास के चुनाव कार्यालय में भीड़ ने तोड़फोड़ की। इसके अलावा हावड़ा, उत्तर 24 परगना और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों से भी हिंसा और आगजनी की खबरें आई हैं, हालांकि कुछ घटनाओं की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर
इन घटनाओं के बाद दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। टीएमसी ने भाजपा पर सुनियोजित हिंसा फैलाने का आरोप लगाया है। वहीं, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह टीएमसी के अंदरूनी संघर्ष का परिणाम हो सकता है। बढ़ती हिंसा को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने भी सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने स्थानीय प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
