पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर बढ़ती कलह: काकोली घोष दस्तीदार का इस्तीफा
पश्चिम बंगाल में टीएमसी में आंतरिक संघर्ष
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को मिली हार के बाद पार्टी के भीतर की कलह अब स्पष्ट रूप से सामने आ गई है। पार्टी की प्रमुख ममता बनर्जी की करीबी सहयोगी मानी जाने वाली बारासात की सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने टीएमसी से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के तुरंत बाद, वे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की एक उच्च स्तरीय प्रशासनिक समीक्षा बैठक में मंच पर अन्य छह विधायकों के साथ उपस्थित हुईं।
कल्याणी में आयोजित इस बैठक में काकोली घोष दस्तीदार की उपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। वे हाल ही में पार्टी में अपने साथ हो रहे भेदभाव को लेकर सार्वजनिक रूप से नाराजगी व्यक्त कर रही थीं। इसी कारण उन्होंने पहले ही पार्टी में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। अब भाजपा सरकार के कार्यक्रम में उनकी भागीदारी बंगाल की बदलती राजनीतिक स्थिति को दर्शाती है।
टीएमसी के छह विधायकों का पाला बदलना
छह विधायकों ने भी बदला पाला!
इस बैठक में केवल काकोली घोष दस्तीदार ही नहीं, बल्कि टीएमसी के छह अन्य विधायक भी मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा करते हुए नजर आए। इनमें देगंगा से विधायक अनीसुर रहमान बिस्वास, स्वरूपनगर से बीना मंडल और हारोआ से मोहम्मद अब्दुल मतीन शामिल थे। इसके अलावा, बशीरहाट संसदीय क्षेत्र के तीन अन्य विधायकों ने भी इस बैठक में भाग लेकर ममता बनर्जी की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।
कल्याण बनर्जी का तंज
कल्याण बनर्जी ने साधा निशाना
काकोली घोष दस्तीदार के इस कदम पर टीएमसी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने व्यंग्य करते हुए लिखा, 'आपकी आगे की राजनीतिक यात्रा बेहद सुगम और सुखद हो। शायद अब नई पार्टी में जाने के बाद आपके ऊपर लगे पुराने सभी दाग और वित्तीय विवाद हमेशा के लिए धुल जाएंगे। उम्मीद है कि यह नया अध्याय आपके असफल प्रयासों को पूरा करेगा।'
