Newzfatafatlogo

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस में बढ़ता बिखराव, संकट गहरा

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार के पतन के बाद तृणमूल कांग्रेस में बिखराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पार्टी के भीतर दो गुटों में विभाजन की संभावना है, जिससे बीजेपी को लाभ मिल सकता है। विधायकों के बीच जाली हस्ताक्षरों के विवाद ने इस संकट को और गहरा कर दिया है। क्या यह ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका साबित होगा? जानें पूरी कहानी में।
 | 
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस में बढ़ता बिखराव, संकट गहरा

तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक संघर्ष

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार के पतन के बाद तृणमूल कांग्रेस में स्पष्ट बिखराव देखने को मिल रहा है। बुधवार को पार्टी के भीतर की खींचतान सार्वजनिक रूप से उजागर हुई। विधानसभा में अब टीएमसी के नेता दो गुटों में विभाजित हो सकते हैं, जो पार्टी के लिए एक गंभीर संकट का संकेत है। विधानसभा में प्रवेश करते समय कई विधायकों ने यह अफवाहें खारिज नहीं कीं कि 50 से अधिक विधायक एकजुट हो गए हैं।


ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका

तृणमूल कांग्रेस का यह बिखराव ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। यदि पार्टी में दो खेमे बनते हैं, तो यह बीजेपी के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा। टीएमसी विधायक मुस्तफिजुर रहमान ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि 59 विधायकों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें उन्होंने भी शामिल हैं। एक अन्य विधायक प्रिया पॉल ने कहा, 'मैं बैठक के बाद जानकारी दूंगी।'


टीएमसी के बंटने का कारण

यह संकट तब शुरू हुआ जब दो टीएमसी विधायकों, संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी ने विधानसभा सचिवालय में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद राज्य की सीआईडी ने ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी के दूसरे प्रमुख नेता अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए बुलाया।


संकट की गहराई

सीआईडी ने कई विधायकों के बयान भी दर्ज किए हैं। यह जांच जालसाजी के आरोपों पर चल रही है। प्रारंभ में यह मामला हस्ताक्षरों के विवाद से जुड़ा था, लेकिन अब यह पार्टी के भीतर गहरे विभाजन को उजागर कर रहा है। यह तब हुआ है जब टीएमसी पिछले दस वर्षों में अपनी सबसे बड़ी चुनावी हार से उबरने की कोशिश कर रही है।


हंगामे की शुरुआत

विपक्ष के नेता (LoP) के नामांकन के दौरान, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि दो टीएमसी विधायकों ने जाली हस्ताक्षरों की शिकायत की है। ये हस्ताक्षर शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाने के प्रस्ताव पर लगाए गए थे।


विधायकों की प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के नामांकन पर टीएमसी विधायक मुस्तफिजुर रहमान ने कहा, 'हमें सही आंकड़ा नहीं पता। मुझे बाहर से सुनने को मिल रहा है कि 59 हस्ताक्षर प्राप्त हुए हैं। मैंने भी हस्ताक्षर किए हैं।'