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पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के संदिग्ध मामले: स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सक्रियता बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने इसे उच्च प्राथमिकता दी है और विशेषज्ञों की एक टीम को राज्य में भेजा गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य सरकार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। जानें इस मामले में क्या कदम उठाए जा रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों के बारे में।
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पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के संदिग्ध मामले: स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता

निपाह वायरस के संदिग्ध मामलों की पहचान

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामलों के सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में चिंता बढ़ गई है। ये मामले 11 जनवरी को AIIMS कल्याणी में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की वायरस अनुसंधान और निदान प्रयोगशाला में पाए गए। निपाह वायरस की गंभीरता और उच्च मृत्यु दर को देखते हुए, केंद्र सरकार ने इसे प्राथमिकता के आधार पर लिया है।


सीमा से जुड़े क्षेत्रों में यात्रा की जानकारी

अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध मरीजों में से एक ने नादिया जिले के घुघरागाछी क्षेत्र की यात्रा की थी, जो भारत-बांग्लादेश सीमा के निकट स्थित है। इस जानकारी के आधार पर, स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और सतर्कता को बढ़ा दिया है।


केंद्र और राज्य के बीच उच्चस्तरीय चर्चा

जैसे ही मामले सामने आए, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव से बातचीत की। इस चर्चा में राज्य की तैयारियों, निगरानी तंत्र और संक्रमण रोकने की रणनीतियों की समीक्षा की गई।


विशेषज्ञों की टीम का गठन

केंद्र सरकार ने एक राष्ट्रीय संयुक्त आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम को पश्चिम बंगाल भेजा है। इस टीम में कोलकाता के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड पब्लिक हाइजीन, पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, चेन्नई के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी, AIIMS कल्याणी और पर्यावरण मंत्रालय के वन्यजीव विभाग के विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम राज्य सरकार को तकनीकी और जमीनी स्तर पर सहायता प्रदान कर रही है।


आपात स्वास्थ्य केंद्र की सक्रियता

दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर को सक्रिय किया गया है। इसके साथ ही, पश्चिम बंगाल के इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) को निपाह वायरस के संदर्भ में अलर्ट गाइडलाइंस जारी की गई हैं।


जांच और इलाज पर ध्यान

स्वास्थ्य विभाग ने लैब जांच, संक्रमितों के संपर्क में आए व्यक्तियों की पहचान, संक्रमण नियंत्रण और मरीजों के इलाज की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। हर संदिग्ध मामले पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।


केंद्र का समर्थन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। फोन पर बातचीत में भी उन्होंने तकनीकी, लॉजिस्टिक और संचालन स्तर पर सहयोग का भरोसा दिया।