पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष के पीए की हत्या की जांच में नया मोड़
हत्या की जांच में बरामद मोटरसाइकिल
पश्चिम बंगाल विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच कर रही विशेष जांच टीम ने उस मोटरसाइकिल को गुरुवार दोपहर बरामद कर लिया, जिसका उपयोग इस जघन्य अपराध में किया गया था। हालांकि, जांचकर्ताओं को अभी भी हत्या में शामिल मोटरसाइकिल और चार-पहिया वाहन के मालिकों की सही पहचान में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.
हत्या की घटना का विवरण
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि बुधवार रात जब रथ का पीए भाजपा के एक कार्यक्रम से लौट रहा था, तब एक मोटरसाइकिल सवार उसका पीछा कर रहा था। जैसे ही रथ की गाड़ी उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में दोहरिया क्रॉसिंग पर पहुंची, एक अन्य चार-पहिया वाहन ने उनकी गाड़ी को रोक दिया.
घटना के समय की स्थिति
जब रथ की गाड़ी उस चार-पहिया वाहन द्वारा रोकी गई, तब हेलमेट पहने हत्यारे द्वारा चलाई जा रही मोटरसाइकिल उसके बगल में आकर रुकी और नजदीक से अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिससे रथ की मौके पर ही मौत हो गई और उनके ड्राइवर बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए.
मोटरसाइकिल और चार-पहिया वाहन की पहचान
अधिकारी ने बताया कि हत्या की घटना के कुछ घंटों बाद, रथ की गाड़ी का रास्ता रोकने वाला चार-पहिया वाहन बरामद कर लिया गया था। वहीं, मोटरसाइकिल गुरुवार दोपहर को हत्या स्थल से लगभग चार किलोमीटर दूर एक सुनसान स्थान पर मिली.
मोटरसाइकिल के रजिस्ट्रेशन की जानकारी
राज्य पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि मोटर वाहन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, यह मोटरसाइकिल बिवास भट्टाचार्य के नाम पर रजिस्टर्ड थी। लेकिन जब पुलिस ने जांच की, तो पाया कि उस पते पर बिवास भट्टाचार्य नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता.
चार-पहिया वाहन की असली पहचान
जांच में यह भी सामने आया कि रथ के वाहन का रास्ता रोकने वाली चार-पहिया गाड़ी का नंबर वास्तव में किसी अन्य मॉडल और रंग के वाहन को आवंटित किया गया था, जो दार्जिलिंग जिले के एक चाय बागान के मैनेजर का था.
पुलिस की पुष्टि
पुलिस महानिदेशक सिद्धार्थ नाथ गुप्ता ने हत्या के कुछ घंटों बाद ही पुष्टि की कि चार-पहिया गाड़ी और मोटरसाइकिल पर इस्तेमाल की गई नंबर प्लेटें नकली थीं.
हत्या की योजना
एक पुलिस सूत्र ने बताया कि जिस तरीके से यह हत्या की गई, उससे यह स्पष्ट होता है कि इसकी योजना पहले से बनाई गई थी और रथ की दिनचर्या पर नजर रखी जा रही थी. हत्यारे ने रथ के वाहन के बगल में गाड़ी रोकी और करीब से कम से कम दस गोलियां चलाईं, जिससे यह साबित होता है कि वह एक अनुभवी शार्प-शूटर था.
