पश्चिम बंगाल में भाजपा की गारंटियों की चुनौती
भाजपा की गारंटियों का परीक्षण
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की गारंटियों का परीक्षण शुरू हो चुका है। सरकार ने सबसे सरल कार्यों में से एक, सीमा पर बीएसएफ को भूमि देने का निर्णय लिया है, ताकि वहां बाड़ लगाई जा सके। ध्यान देने योग्य है कि बंगाल और बांग्लादेश के बीच 2200 किलोमीटर से अधिक की सीमा है, जिसमें से 1600 किलोमीटर से ज्यादा क्षेत्र में बाड़ लगाई जा चुकी है। शेष क्षेत्रों में बाड़ लगाने के लिए भूमि देने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि इससे घुसपैठ रुक जाएगी। असली चुनौती घुसपैठ को रोकने, घुसपैठियों की पहचान करने और उन्हें बाहर निकालने में है। लेकिन इससे भी कठिन काम नकद गारंटियों को पूरा करना है।
महिलाओं और युवाओं के लिए वित्तीय गारंटियाँ
भाजपा ने पश्चिम बंगाल में महिलाओं को हर महीने तीन हजार रुपये देने का वादा किया है। इसके साथ ही युवाओं को भी हर महीने तीन हजार रुपये दिए जाने की योजना है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा की सरकार इस योजना को कब लागू करती है। याद रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2025 में चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि महिला दिवस, 8 मार्च 2025 से दिल्ली सरकार महिलाओं के खातों में महिला सम्मान निधि का पैसा डालना शुरू कर देगी। भाजपा की जीत के बाद, 2026 का महिला दिवस भी निकल गया, लेकिन अभी तक दिल्ली में महिलाओं को पैसे नहीं मिले हैं। कहा जा रहा है कि रजिस्ट्रेशन एक जून से शुरू होगा। सोचिए, दिल्ली जैसे समृद्ध राज्य में सरकार महिलाओं को ढाई हजार रुपये देने की गारंटी नहीं पूरी कर पाई, तो बंगाल जैसे गरीब राज्य में तीन हजार रुपये प्रति माह देने की योजना का क्या होगा, यह कहना मुश्किल है। ममता बनर्जी की लक्ष्मी भंडार योजना के तहत महिलाओं को डेढ़ हजार रुपये मिल रहे थे, और यह योजना जारी रहेगी। संभव है कि भाजपा सरकार इसका नाम बदल दे।
