पश्चिम बंगाल में भाजपा शासन की शुरुआत, शुभेंदु अधिकारी बने मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते शुभेंदु अधिकारी
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में भाजपा के शासन की औपचारिक शुरुआत के साथ शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। इस अवसर पर देश के प्रमुख नेताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि केंद्र के लिए बंगाल में सत्ता परिवर्तन कितना महत्वपूर्ण है।
मिथुन चक्रवर्ती की उपस्थिति से उत्साह
इस विशेष अवसर पर बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती भी उपस्थित थे, जिनकी उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं और प्रशंसकों में उत्साह भर दिया। सोशल मीडिया पर उनके आगमन के वीडियो तेजी से फैल रहे हैं, जिसमें उन्हें केंद्रीय मंत्रियों अमित शाह और राजनाथ सिंह से गर्मजोशी से मिलते हुए देखा जा सकता है। राजनाथ सिंह से मिलने के दौरान, मिथुन ने पांव छूने की कोशिश की, लेकिन राजनाथ ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया। इस क्लिप के वायरल होने के बाद, लोग दोनों की संस्कार की बात कर रहे हैं और उनकी प्रशंसा कर रहे हैं।
दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती राजनाथ सिंह के पैर छू रहे थे, राजनाथ सिंह ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।
— ocean jain (@ocjain4) May 9, 2026
यही है भाजपा की संस्कृति का सम्मान ❤️ pic.twitter.com/yY191Yf1WT
बदलाव की भविष्यवाणी
मिथुन चक्रवर्ती ने हाल ही में संपन्न बंगाल चुनाव के दौरान इस बदलाव के संकेत दिए थे। दूसरे चरण के मतदान के बाद, उन्होंने मीडिया से कहा था कि इस बार बंगाल में 'बदलाव की बाढ़' आने वाली है। मतदान के दिन, उन्होंने सुरक्षा और निष्पक्षता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि भारी भीड़ को देखकर उन्हें विश्वास है कि वोटिंग शेयर के पिछले सभी रिकॉर्ड टूट जाएंगे। अभिनेता ने अनुमान लगाया था कि इस बार मतदान 90 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर जाएगा, जो राज्य में बड़े परिवर्तन का संकेत होगा।
चुनावी प्रचार में सक्रियता
हालांकि मिथुन चक्रवर्ती इस बार चुनावी मैदान में उम्मीदवार के रूप में नहीं उतरे, लेकिन उन्होंने पार्टी के लिए सक्रिय रूप से प्रचार किया। उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे चुनावों में व्यक्तिगत रूप से हिस्सा नहीं लेंगे, लेकिन एक समर्पित कार्यकर्ता की तरह पार्टी के लिए निरंतर काम करते रहेंगे। उनके प्रचार ने कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम किया और वे राज्य के विभिन्न हिस्सों में भाजपा की विचारधारा को फैलाने में सफल रहे। शपथ ग्रहण समारोह में उनकी उपस्थिति उनके समर्पण और पार्टी के प्रति निष्ठा को दर्शाती है।
राजनीतिक चिंताएं
अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाने वाले मिथुन चक्रवर्ती ने एक इंटरव्यू में अपनी चिंताओं को साझा किया। उन्होंने कहा कि यदि बंगाल में पुरानी व्यवस्था लौटती है, तो उनके और अन्य हिंदुओं के लिए राज्य में सुरक्षित रहना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में उन्हें अपने रहने के लिए कोई और जगह ढूंढनी पड़ सकती है। उनके इन बयानों ने चुनाव के दौरान काफी सुर्खियां बटोरी थीं। अब जब भाजपा की सरकार बन चुकी है, उनके दावों और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई सरकार की नीतियों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
