Newzfatafatlogo

पश्चिम बंगाल में मंत्री की शपथ लेने का अनोखा मामला

पश्चिम बंगाल में एक मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने शपथ ग्रहण के दौरान नियमों का उल्लंघन किया, जिससे राज्यपाल आरएन रवि ने उन्हें टोका नहीं। इस घटना ने सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना दिया है। जानें इस अनोखे मामले के बारे में और क्या है इसके पीछे की कहानी।
 | 
पश्चिम बंगाल में मंत्री की शपथ लेने का अनोखा मामला

शपथ ग्रहण की प्रक्रिया में गड़बड़ी

प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के शपथ ग्रहण की एक निश्चित प्रक्रिया होती है। पहले मंत्री पद की शपथ लेते हैं, उसके बाद गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है। यह क्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जब तक कोई व्यक्ति पद की शपथ नहीं लेता, तब तक गोपनीयता की शपथ का कोई अर्थ नहीं होता। पश्चिम बंगाल में जब राज्यपाल आरएन रवि शुभेंदु अधिकारी और उनके मंत्रियों को शपथ दिला रहे थे, तब एक मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पहले गोपनीयता की शपथ ले ली और बाद में पद की शपथ ली।


अग्निमित्रा पॉल एक पूर्व फैशन डिजाइनर हैं, जिन्होंने बाद में राजनीति में कदम रखा। उन्हें शुभेंदु अधिकारी का करीबी माना जाता है और प्रदेश अध्यक्ष बनने की संभावनाएं भी थीं। हालांकि, उन्हें यह समझ नहीं आया कि पहले पद की शपथ लेनी चाहिए। इससे भी आश्चर्यजनक यह है कि नियमों के प्रति सख्त माने जाने वाले राज्यपाल आरएन रवि ने उन्हें टोका नहीं। वे चुपचाप खड़े रहे और मंत्री को गलत क्रम में शपथ लेते हुए देखते रहे। बाद में उन्हें पद की शपथ दिलाई गई। इस घटना ने सोशल मीडिया पर काफी मजाक का विषय बना।


ऐसा प्रतीत होता है कि आरएन रवि का नियमों के प्रति सख्त रुख केवल तमिलनाडु तक सीमित था, जहां भाजपा विरोधी सरकार थी। बंगाल में भाजपा की सरकार है, और राज्यपाल ने भाजपा के मंत्रियों के लिए नियमों की अनदेखी की। वहीं, तमिलनाडु में नए राज्यपाल ने शपथ के दौरान मुख्यमंत्री को टोका था, जबकि आरएन रवि ने मंत्री को गलत क्रम में शपथ लेते हुए नहीं रोका। यह अंतर स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री भाजपा विरोधी पार्टी का है जबकि मंत्री भाजपा की हैं।