पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे पर टीएमसी सरकार की आलोचना
राजनीतिक विवाद की नई परत
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और केंद्र सरकार के बीच तनाव अब एक नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सिलीगुड़ी दौरे के दौरान हुई व्यवस्थाओं की कमी और प्रोटोकॉल की अनदेखी ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को 'शर्मनाक और अभूतपूर्व' करार देते हुए कहा कि ममता बनर्जी की सरकार ने न केवल राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है, बल्कि आदिवासी समुदाय का भी अपमान किया है। यह मामला अब देशभर में चर्चा का विषय बन गया है।
सिलीगुड़ी में राष्ट्रपति का दौरा
विवाद की शुरुआत तब हुई जब राष्ट्रपति मुर्मू अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में भाग लेने सिलीगुड़ी पहुंचीं। वहां आयोजन स्थल की सीमित जगह देखकर वे असंतुष्ट नजर आईं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनकी छोटी बहन के समान हैं, फिर भी उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लिए इतनी छोटी जगह क्यों चुनी? राष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि यदि कार्यक्रम किसी बड़े मैदान में आयोजित किया जाता, तो लाखों लोग आदिवासी संस्कृति के इस गौरवमयी उत्सव का हिस्सा बन सकते थे।
प्रोटोकॉल की अनदेखी
सिर्फ तंग जगह ही नहीं, राष्ट्रपति ने प्रोटोकॉल की गंभीर खामियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार उन्हें रिसीव करने के लिए न तो मुख्यमंत्री और न ही राज्य का कोई मंत्री हवाई अड्डे पर मौजूद था। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए निर्धारित सम्मान और प्रोटोकॉल का पालन करना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
आदिवासी सशक्तिकरण पर चोट
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर टीएमसी सरकार के इस व्यवहार को आदिवासी समुदाय के प्रति अपमानजनक बताया। उन्होंने लिखा कि आदिवासी समाज से आने वाली राष्ट्रपति का दर्द देखकर पूरे देश का दिल टूटा है। मोदी के अनुसार, संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय को टीएमसी सरकार ने बेहद हल्के ढंग से लिया है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आदिवासी सशक्तिकरण में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति इस घटना से दुखी है।
भाजपा का तीखा हमला
इस मुद्दे पर भाजपा की बंगाल इकाई और केंद्रीय मंत्रियों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। अमित शाह ने इसे टीएमसी की अराजकता का नया उदाहरण बताया, जबकि पीयूष गोयल ने कहा कि टीएमसी राजनीति के 'नए निचले स्तर' पर गिर गई है। भाजपा का आरोप है कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों का हनन है। पार्टी ने दावा किया कि ममता सरकार जानबूझकर संवैधानिक प्रमुखों के प्रति अपमानजनक रवैया अपना रही है।
परंपराओं का सम्मान
विवादों के बीच राष्ट्रपति मुर्मू ने संथाल समुदाय की सराहना की। उन्होंने युवाओं से आधुनिक विकास के साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल बोस के इस्तीफे के बाद बंगाल की स्थिति पहले से ही संवेदनशील थी। वर्तमान में आर.एन. रवि राजभवन का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं।
