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पश्चिम बंगाल में स्कूल सर्विस कमीशन ने रिश्वतखोरी घोटाले में 1804 अयोग्य उम्मीदवारों की सूची जारी की

पश्चिम बंगाल में स्कूल सर्विस कमीशन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 1804 अयोग्य उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जो नौकरी के लिए रिश्वतखोरी में शामिल थे। यह कदम शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस घोटाले ने न केवल भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, बल्कि राज्य सरकार की विश्वसनीयता को भी प्रभावित किया है। जानें इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी और इसका क्या असर होगा।
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पश्चिम बंगाल में स्कूल सर्विस कमीशन ने रिश्वतखोरी घोटाले में 1804 अयोग्य उम्मीदवारों की सूची जारी की

रिश्वतखोरी घोटाले का खुलासा

पश्चिम बंगाल में स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नौकरी के लिए रिश्वतखोरी से जुड़े 1804 अयोग्य उम्मीदवारों की सूची जारी की है। यह जानकारी 30 अगस्त 2025 को शाम 08:50 बजे सामने आई। कोर्ट ने कमीशन को 'कलंकित' उम्मीदवारों की पहचान सार्वजनिक करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। सूची में अयोग्य उम्मीदवारों के रोल नंबर, सीरियल नंबर और नाम शामिल हैं, जो इस घोटाले की गंभीरता को दर्शाते हैं।


एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में स्कूल सर्विस कमीशन को सख्त निर्देश दिया कि वह उन उम्मीदवारों की पहचान सार्वजनिक करे, जो नौकरी पाने के लिए रिश्वत देने या अन्य अनुचित तरीकों का सहारा लेते पाए गए हैं। इस घोटाले ने पश्चिम बंगाल की शिक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




सुप्रीम कोर्ट का आदेश और कार्रवाई


सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कमीशन ने तुरंत प्रभाव से सूची जारी की, जिसमें हर अयोग्य उम्मीदवार की विस्तृत जानकारी दी गई है। यह सूची राज्य के स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली को उजागर करती है।


घोटाले का प्रभाव


इस घोटाले ने न केवल भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, बल्कि राज्य सरकार की विश्वसनीयता को भी प्रभावित किया है। सूची जारी होने के बाद प्रभावित उम्मीदवारों और उनके परिवारों में रोष है, जबकि आम जनता इस कदम को सही ठहरा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस सूची के आधार पर आगे की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नीतियों को लागू करने का आश्वासन दिया है।