पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम: भाजपा की मजबूत स्थिति
भाजपा की पहली बार सत्ता में आने की संभावना
भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सत्ता पाने की ओर कदम बढ़ाया है, पहले दौर के रूझानों में पार्टी की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है।
कोलकाता: आज देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। वोटों की गिनती सुबह आठ बजे से शुरू हो चुकी है, और उम्मीद है कि शाम तक नई सरकार की तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी। इस समय, पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रचार पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
पश्चिम बंगाल में भाजपा और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच सीधा मुकाबला है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी ये दोनों दल आमने-सामने थे, लेकिन उस समय टीएमसी ने स्पष्ट बहुमत के साथ जीत हासिल की थी।
मतगणना के शुरुआती आंकड़े
सुबह 10:30 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने 150 सीटों पर मजबूत बढ़त बना ली है, जबकि टीएमसी 115 सीटों पर आगे है। कांग्रेस का अभी तक किसी भी सीट पर खाता नहीं खुला है, लेकिन भाजपा का इस तरह से उभरना एक महत्वपूर्ण बात है।
प्रधानमंत्री ने चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी ली
चुनाव की तारीखों की घोषणा 15 मार्च को की गई थी। इसके बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कुल 29 चुनाव प्रचार अभियानों में भाग लिया। इनमें से 24 कार्यक्रम केवल पश्चिम बंगाल में हुए। पीएम मोदी ने मुर्शिदाबाद से लेकर कोलकाता तक कई रैलियों का आयोजन किया।
चुनाव की तारीखों की घोषणा से एक दिन पहले, 14 मार्च को भी पीएम की एक जनसभा कोलकाता में हुई थी। उनका अंतिम चुनावी कार्यक्रम 27 अप्रैल को बैरकपुर में हुआ।
पीएम का बदलाव का वादा
चुनाव प्रचार के दौरान, पीएम मोदी ने बंगाल की जनता से बदलाव का वादा किया और एक ईमानदार सरकार देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश से नफरत और बेइमानी की राजनीति को समाप्त किया जाएगा। इस वादे से प्रभावित होकर, बंगाल की जनता ने मतदान किया और भाजपा अब प्रदेश में सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनती दिखाई दे रही है।
