पश्चिम बंगाल सरकार ने महिलाओं और गरीबों के लिए नई योजनाओं की घोषणा की
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नए ऐलान
नई दिल्ली - पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को राज्य की महिलाओं, युवाओं और आम जनता के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। नदिया जिले के कल्याणी में एक प्रशासनिक बैठक के बाद, मुख्यमंत्री ने बताया कि 27 मई से राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अन्नपूर्णा योजना’ के लिए आवेदन पत्र जारी किए जाएंगे। इस योजना के तहत योग्य महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे भेजी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना की प्रक्रिया बुधवार से शुरू होगी और फॉर्म भरने के तुरंत बाद लाभार्थियों को राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इसके अलावा, सरकार ने सामाजिक और धार्मिक स्थलों के आसपास शराब की दुकानों पर सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब स्कूलों, कॉलेजों और पूजा स्थलों के एक किलोमीटर के दायरे में नई शराब की दुकानों को अनुमति नहीं दी जाएगी।
गरीब और जरूरतमंद लोगों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि बंगाल की लगभग 400 विशेष कैंटीनों में सप्ताह में दो दिन केवल 5 रुपये में मछली-चावल का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही, राज्य में स्वास्थ्य विभाग से अलग एक स्वतंत्र आयुष विभाग की स्थापना की भी घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का ‘जनता दरबार’ भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सोमवार को आयोजित दूसरे जनता दरबार में बड़ी संख्या में नौकरी के इच्छुक युवा, शिक्षक, नर्सें, पेशेवर और आम नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। सॉल्ट लेक स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं।
कई युवाओं के हाथों में नौकरी से संबंधित फाइलें थीं, जबकि बुजुर्ग नागरिक अपनी शिकायतों और दस्तावेजों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों और पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहीं महिलाओं ने भी अपनी मांगें सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखीं।
मुख्यमंत्री के कार्यालय पहुंचते ही ‘जय श्री राम’, ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। दूर-दराज के जिलों से आए लोगों को उम्मीद थी कि उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान अब सीधे मुख्यमंत्री स्तर पर हो सकेगा।
