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पहलगाम आतंक हमले की पहली बरसी पर इजरायली राजदूत का बयान

पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की पहली बरसी पर इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने श्रद्धांजलि अर्पित की और भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में खड़े रहने का संकल्प लिया। उन्होंने हमले में मारे गए 26 निर्दोष लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि आतंकवाद किसी सीमा को नहीं मानता। जानें इस हमले के बारे में और इजरायल की प्रतिक्रिया के बारे में।
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पहलगाम आतंक हमले की पहली बरसी पर इजरायली राजदूत का बयान

पहलगाम आतंक हमले की बरसी

नई दिल्ली: पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की पहली वर्षगांठ आज है। एक साल पहले, इसी दिन 26 निर्दोष लोगों की जान सीमा पार से आए आतंकियों ने ले ली थी। इस अवसर पर, भारत में इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमेशा भारत के साथ खड़ा रहेगा।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अजार ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें पहलगाम हमले में मारे गए 26 निर्दोष लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। उन्होंने कहा, "आज कश्मीर के पहलगाम में हुए नृशंस हमले को एक साल हो गया है। मैं पीड़ित परिवारों और भारत के लोगों के प्रति इजरायल की ओर से सांत्वना भेजता हूं। इस कठिन समय में हम आपके साथ हैं।"


अजार ने इजरायल पर हुए हमास के हमले का उल्लेख करते हुए कहा, "हम इस दर्द को समझते हैं। 7 अक्टूबर (2023) को हमें भी इसी तरह की बर्बरता का सामना करना पड़ा।"


इजरायली राजदूत ने कहा कि ये हमले यह दर्शाते हैं कि "आतंकवाद किसी सीमा को नहीं मानता। हमारा और आपका दुख साझा है। भारत और इजरायल आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह हमारा संकल्प और दृढ़ निश्चय है!"


गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन घाटी में छुट्टियां मनाने आए पर्यटकों को निशाना बनाकर गोलियों से भून दिया गया था। यह हमला सीमा पार से आए आतंकियों द्वारा किया गया था। भारत ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जवाबी कार्रवाई की थी।


हमले के 15 दिन बाद, 7 मई को रात डेढ़ बजे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में ऑपरेशन सिंदूर के तहत एयर स्ट्राइक की गई। इस ऑपरेशन में सेना ने पाकिस्तान में घुसकर नौ आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर का ठिकाना शामिल था। इस हमले में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे। बाद में पाकिस्तान ने भी भारतीय कार्रवाई को स्वीकार किया था।