पहलगाम आतंकी हमले की NIA जांच में चौंकाने वाले खुलासे
NIA की जांच में सामने आई shocking जानकारी
नई दिल्ली: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के संदर्भ में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की जांच में कुछ बेहद चिंताजनक तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आतंकियों ने इस जघन्य कृत्य को पूरी योजना के तहत अंजाम दिया, जिसमें स्थानीय लोगों का भी सहयोग शामिल था। जांच में यह भी पता चला है कि यदि गाइड की व्यवस्था की जाती, तो 26 लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
आतंकियों की गतिविधियों का खुलासा
NIA की रिपोर्ट के अनुसार, हमले से एक दिन पहले, आतंकियों फैजल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ छोटू और हमजा अफगानी ने पहलगाम में घूमते हुए स्थानीय लोगों से संपर्क किया। इन आतंकियों को स्थानीय सहयोग से ठिकाना और अन्य सहायता प्राप्त हुई।
स्थानीय व्यक्ति की गवाही
इस मामले में बशीर अहमद नामक एक स्थानीय व्यक्ति ने NIA को बताया कि उसने आतंकियों को पहले ही देखा था। जब आतंकियों ने उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए कहा, तो वह उन्हें अपनी झोपड़ी पर ले गया। वहां पहुंचने के बाद, आतंकियों ने बशीर और उसकी पत्नी को चुप रहने के लिए कहा।
बशीर ने NIA को बताया कि उसे तीनों का हुलिया देखकर पता चल गया था कि वे आतंकी हैं और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। फिर भी, उसने इस बारे में स्थानीय प्रशासन या सुरक्षाबलों को कोई जानकारी नहीं दी। उसने आतंकियों को अपनी झोपड़ी में पनाह दी और उन्हें खाना भी दिया। यहां तक कि जब आतंकियों ने उसकी झोपड़ी छोड़ने का मन बनाया, तो उसने उन्हें खाने के लिए पैक किया हुआ भोजन भी दिया।
आतंकी हमले का विवरण
यह उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था। यह हमला बैसरन घाटी क्षेत्र में पर्यटकों पर किया गया था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। हमले के दौरान आतंकियों ने पर्यटकों से उनके धर्म के बारे में पूछा और जो भी हिंदू निकला, उसे गोली मारकर हत्या कर दी गई।
