पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर भारतीय सेना का पाकिस्तान को कड़ा संदेश
भारतीय सेना का संदेश
- ‘आपरेशन सिंदूर’ की याद दिलाते हुए आतंकियों को सीमा पार न करने की चेतावनी
- जब मानवता की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो भारत का जवाब ऐतिहासिक होता है
Pahalgam Terror Attack, नई दिल्ली: पहलगाम में हुए आतंकी हमले की पहली बरसी के अवसर पर भारत इस बर्बर घटना को याद कर रहा है। भारतीय सेना ने इस मौके पर पाकिस्तान को एक स्पष्ट संदेश दिया है। सेना ने कहा है कि जब मानवता की सीमाएं पार होती हैं, तो भारत का जवाब निर्णायक और ऐतिहासिक होता है।
सीमाएं पार करने का परिणाम
सेना ने इस अवसर पर एक ग्राफिक साझा करते हुए कहा कि कुछ सीमाएं कभी नहीं पार की जानी चाहिए। यदि दुश्मन ऐसा करता है, तो भारत ऐसे कृत्यों को कभी नहीं भूलता। अधिकारियों ने बताया कि जब इंसानियत की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो भारत का जवाब ऐतिहासिक होता है। यह ध्यान देने योग्य है कि 22 अप्रैल, 2025 को आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक बड़ा हमला किया था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें अधिकांश पर्यटक शामिल थे।
धर्म पूछकर की गई हत्या
पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। आतंकवादियों ने पहलगाम की बैसरन घाटी में निहत्थे 26 पर्यटकों की धर्म पूछकर हत्या की थी। इसके प्रतिशोध में भारतीय सेना ने 'आपरेशन सिंदूर' चलाया और पाकिस्तान में घुसकर हमलावरों को मार गिराया। सेना ने एक बार फिर आतंकियों को चेतावनी दी है कि वे सीमा पार न करें। हमले में मारे गए लोगों के परिवार आज भी इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।
सेना और वायु सेना की भूमिका
इस ऑपरेशन में भारतीय वायु सेना और नौसेना की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 'आपरेशन सिंदूर' की सराहना करते हुए इसे तीनों सेनाओं के बीच तालमेल का बेहतरीन उदाहरण बताया। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा कि यह एक निर्णायक पल था, जिसने पाकिस्तान की कायरता का जवाब देने में भारतीय वायु सेना की सटीकता और ताकत को प्रदर्शित किया। वहीं, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने उत्तरी अरब सागर में एक कैरियर बैटल ग्रुप की तैनाती के प्रभाव को रेखांकित किया।
