पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव: बीजेपी की बड़ी जीत और नए राजनीतिक समीकरण
बीजेपी का चुनावी प्रदर्शन
पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीन राज्यों में सत्ता हासिल की है। असम में पार्टी ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है। पश्चिम बंगाल में, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि पर, बीजेपी ने आजादी के बाद पहली बार सत्ता में कदम रखा है। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी जनता ने एनडीए के पक्ष में मतदान किया। वहीं, केरल में पिछले एक दशक से चल रही लेफ्ट की सरकार का अंत हुआ, जहां कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने बहुमत प्राप्त किया। तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ने सबसे बड़ी जीत हासिल की।
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत
पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने एक ऐतिहासिक जीत हासिल की है। सोमवार रात साढ़े नौ बजे तक, पार्टी ने 174 सीटों पर जीत दर्ज की थी और 34 सीटों पर आगे चल रही थी। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने 59 सीटों पर जीत हासिल की और 20 पर आगे थी। कांग्रेस और हुमायूं कबीर की पार्टी ने दो-दो सीटों पर जीत हासिल की, जबकि सीपीएम और एआईएसएफ को एक-एक सीट पर सफलता मिली।
भवानीपुर सीट पर, बीजेपी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सुवेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा था। इस कड़ी टक्कर में, सुवेंदु ने ममता को दूसरी बार हराया। 2021 में भी उन्होंने ममता को नंदीग्राम विधानसभा से हराया था।
असम में बीजेपी की लगातार तीसरी जीत
असम विधानसभा चुनाव में, बीजेपी ने हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार जीत हासिल की। इस बार पार्टी का प्रदर्शन पिछले चुनाव से भी बेहतर रहा। 2021 में बीजेपी को 60 सीटें मिली थीं, जबकि इस बार उसने 81 सीटों पर जीत दर्ज की।
कांग्रेस ने 18 सीटों पर जीत हासिल की और एक पर बढ़त बनाई। 2021 में कांग्रेस ने असम में 26 सीटें जीती थीं। बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट और असम गण परिषद ने 10-10 सीटों पर जीत हासिल की। एआईयूडीएफ और रायजोर दल ने दो-दो सीटों पर जीत दर्ज की। तृणमूल कांग्रेस को एक सीट पर सफलता मिली।
कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार गौरव गोगोई अपनी सीट भी नहीं बचा सके, उन्हें जोरहाट विधानसभा सीट पर बीजेपी के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने 23182 मतों से हराया।
तमिलनाडु में विजय की पार्टी की ऐतिहासिक जीत
अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने अपने पहले चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। रात साढ़े नौ बजे तक उनकी पार्टी ने 95 सीटों पर जीत हासिल की थी और 12 पर बढ़त बनाई थी। विजय की पार्टी की इस शानदार जीत की चर्चा हर जगह हो रही है।
सत्तारूढ़ डीएमके ने 50 सीटों पर जीत हासिल की और 10 सीटों पर बढ़त बनाई। अंतिम परिणाम आने पर सीटों की संख्या में बदलाव हो सकता है। एआईएडीएमके ने 42 सीटों पर जीत हासिल की और 5 पर बढ़त बनाई। कांग्रेस ने चार सीटों पर जीत दर्ज की। विजय की पार्टी की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी चुनाव हार गए।
केरल में लेफ्ट का अंत
केरल में लेफ्ट की 10 साल की सत्ता का अंत हो गया है। कांग्रेस के नेतृत्व में यूडीएफ ने प्रचंड जीत हासिल की। कांग्रेस ने प्रदेश की 140 विधानसभा सीटों में से 63 पर जीत हासिल की। सीपीएम ने 26 सीटों पर जीत दर्ज की। मुस्लिम लीग ने 22 सीटें जीतीं, जबकि सीपीआई ने 8, केरल कांग्रेस ने 7, आरएसपी और बीजेपी ने 3-3 सीटें जीतीं। चार अन्य दलों ने दो-दो सीटों पर जीत हासिल की।
पुडुचेरी में एनडीए की वापसी
पुडुचेरी में एनडीए की सत्ता में वापसी हुई है। प्रदेश की कुल 30 विधानसभा सीटों में से 11 पर AINRC ने जीत हासिल की। डीएमके ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की। बीजेपी ने 4 और विजय की पार्टी टीवीके ने 2 सीटों पर जीत हासिल की। तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। कांग्रेस और एडीएमके ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की।
