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पाकिस्तान का आतंकवादी नेटवर्क: जैश की महिला विंग और लश्कर की समुद्री क्षमताएं

पाकिस्तान अपने आतंकवादी नेटवर्क को लगातार विस्तारित कर रहा है, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग और लश्कर-ए-तैयबा की समुद्री क्षमताओं का विकास शामिल है। हालिया रिपोर्ट में यह बताया गया है कि आतंकवाद का वित्तपोषण अब डिजिटल माध्यमों से हो रहा है। रिपोर्ट में पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा गया है कि यह हमला पूरी तरह से योजनाबद्ध था। जानें इस रिपोर्ट में और क्या जानकारी दी गई है और पाकिस्तान की रणनीति क्या है।
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पाकिस्तान का आतंकवादी नेटवर्क: जैश की महिला विंग और लश्कर की समुद्री क्षमताएं

पाकिस्तान का बढ़ता आतंकवादी नेटवर्क

कोलंबो: पाकिस्तान अपने आतंकवादी नेटवर्क को लगातार विस्तारित कर रहा है। इस संदर्भ में, जैश-ए-मोहम्मद ने 'जमात-उल-मोमिनात' नामक एक महिला विंग का गठन किया है, जबकि लश्कर-ए-तैयबा ने समुद्री हमलों की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक 'वॉटर विंग' स्थापित किया है। यह जानकारी हाल ही में एक रिपोर्ट में सामने आई है।


श्रीलंकाई मीडिया आउटलेट सीलोन वायर न्यूज के अनुसार, आतंकवाद के वित्तपोषण के तरीके अब डिजिटल हो गए हैं। एन्क्रिप्टेड क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन पारंपरिक हवाला नेटवर्क का पूरक बन रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह किसी कमजोर नेटवर्क का अंतिम चरण नहीं है, बल्कि पाकिस्तान द्वारा इस तंत्र के विकास का एक कदम है।


रिपोर्ट में पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी का जिक्र करते हुए कहा गया कि यह हमला पूरी तरह से योजनाबद्ध और ठंडे दिमाग से अंजाम दिया गया था। यह हमला जम्मू-कश्मीर में सफल विधानसभा चुनावों के कुछ ही महीनों बाद हुआ था। इससे स्पष्ट है कि आतंकवादी संगठनों की रणनीति में बदलाव आ रहा है। अब उनका उद्देश्य कश्मीर में बढ़ते पर्यटन को नुकसान पहुंचाना और सामान्य स्थिति के दावों को चुनौती देना है।


रिपोर्ट में कहा गया है, 'जब कोई क्षेत्र स्थिर होने लगता है, निवेश बढ़ता है और पर्यटक आते हैं, तब आतंकवाद सबसे बड़ी बाधा बन जाता है। पाकिस्तान की गहरी सत्ता यह समझती है कि कश्मीर में भारत की आर्थिक प्रगति को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका पारंपरिक सेना नहीं, बल्कि ऐसे आतंकवादी समूह हैं जिनसे सीधे जुड़ाव से इनकार किया जा सके।'


रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हमले में पाकिस्तान की सीधी भूमिका के ठोस सबूत हैं।


रिपोर्ट में कहा गया, '28 जुलाई 2025 को भारतीय सुरक्षा बलों ने श्रीनगर के पास हरवान के जंगलों में पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकियों को मार गिराया। उनकी पहचान से स्पष्ट हुआ कि एक आतंकी हबीब ताहिर था, जो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के खैगला के पास कोइयां गांव का निवासी था। दूसरा बिलाल अफजल था। ये कोई बेनाम या अकेले काम करने वाले लोग नहीं थे, बल्कि सीमा पार से आए और प्रशिक्षित थे।'


रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान का यही पैटर्न देखा जा रहा है। 2026 के ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान शीर्ष पर है। इसके अलावा, मार्च 2026 की अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान कई पुराने आतंकवादी संगठनों का अड्डा बना हुआ है।


रिपोर्ट में आगे कहा गया, 'ऐसे कई मामले सामने आए हैं। मार्च 2026 में पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट को अमेरिकी नेताओं की हत्या की साजिश में दोषी पाया गया। पाकिस्तानी मूल के मोहम्मद शाहजेब खान ने न्यूयॉर्क में एक यहूदी केंद्र पर हमले की साजिश में अपराध कबूल किया। अगस्त 2025 में लश्कर-ए-तैयबा का एक सदस्य दक्षिण कोरिया में गैरकानूनी तरीके से घुसने के बाद पकड़ा गया। इससे स्पष्ट है कि पाकिस्तान से जुड़ा आतंक दुनिया के कई हिस्सों में फैला हुआ है।'


भारत के दृष्टिकोण से रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान की रणनीति यह है कि जम्मू-कश्मीर में जब भी हालात सामान्य होने की ओर बढ़ें, तब किसी न किसी आतंकी हमले से वहां फिर से हिंसा फैला दी जाए।