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पाकिस्तान का रक्षा बजट बढ़ाने की योजना, IMF रिपोर्ट में खुलासा

पाकिस्तान, जो वर्तमान में आर्थिक संकट और महंगाई का सामना कर रहा है, अगले वित्त वर्ष में अपने रक्षा बजट में महत्वपूर्ण वृद्धि करने की योजना बना रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार अपने रक्षा खर्च में लगभग 100 अरब रुपये की बढ़ोतरी कर सकती है। इसके साथ ही, IMF द्वारा समर्थित सुधार कार्यक्रम के तहत राजस्व में भी वृद्धि का अनुमान है। जानें इस नई योजना के बारे में और कैसे पाकिस्तान भ्रष्टाचार पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहा है।
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पाकिस्तान का रक्षा बजट बढ़ाने की योजना, IMF रिपोर्ट में खुलासा

पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और रक्षा बजट

इस्लामाबाद: आर्थिक संकट और महंगाई से जूझते हुए पाकिस्तान अगले वित्तीय वर्ष में अपने रक्षा बजट में महत्वपूर्ण वृद्धि करने की योजना बना रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान सरकार अपने रक्षा खर्च में लगभग 100 अरब रुपये की बढ़ोतरी कर सकती है। वर्तमान में, सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा समर्थित सुधार कार्यक्रम के तहत नया बजट तैयार कर रही है, जिसमें राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि का अनुमान है।


रक्षा खर्च में वृद्धि का अनुमान

2.66 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है रक्षा खर्च

प्रसिद्ध समाचार पत्र 'डॉन' ने IMF की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया है कि 2026-27 के लिए पाकिस्तान का रक्षा खर्च बढ़कर 2.66 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच सकता है, जो कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2.56 लाख करोड़ रुपये है। इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2026-27 में पाकिस्तान की कुल संघीय आय 17.14 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच सकती है, जो कि मौजूदा वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 13.5 प्रतिशत (दो लाख करोड़ रुपये से अधिक) अधिक है।


डिजिटल भुगतान और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण

डिजिटल भुगतान और भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की बड़ी तैयारी

इस विस्तृत रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान ने केंद्र और प्रांतीय सरकारों के कुल खर्च को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 0.2 प्रतिशत तक बढ़ाकर 4.23 लाख करोड़ रुपये करने का वादा किया है। इसके साथ ही, जून 2027 तक सभी सरकारी भुगतानों को पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से करने की योजना भी बनाई गई है। IMF कार्यक्रम के तहत व्यापक सुधारों को लागू करते हुए, पाकिस्तानी सरकार इस साल के अंत तक सबसे अधिक भ्रष्टाचार वाले 10 संस्थानों की पहचान कर उनका विस्तृत अध्ययन करेगी। इसके अलावा, व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए प्रांतीय भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों को भी पहले से अधिक मजबूत किया जाएगा।