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पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को UAE से बड़ा झटका, कर्ज की वापसी की मांग

पाकिस्तान को अपने पारंपरिक सहयोगी UAE से एक बड़ा झटका लगा है, जिसने 3 अरब डॉलर के कर्ज को रोलओवर करने से मना कर दिया है। इस स्थिति ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को और भी कमजोर कर दिया है, जिससे दिवालिया होने का खतरा बढ़ गया है। वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने नए कर्ज के लिए विकल्प तलाशने की बात की है, जबकि चीन और सऊदी अरब से गुप्त बातचीत की जा रही है। पाकिस्तान अब वैश्विक बॉन्ड मार्केट की ओर देख रहा है, जिसमें पांडा बॉंड और यूरोबॉंड जारी करने की योजना है।
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पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को UAE से बड़ा झटका, कर्ज की वापसी की मांग

पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति में नया संकट

नई दिल्ली: पाकिस्तान, जो पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, को एक और बड़ा झटका लगा है। उसके पारंपरिक सहयोगी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान को दिए गए 3 अरब डॉलर (लगभग 25 हजार करोड़ रुपये) के कर्ज को आगे बढ़ाने से मना कर दिया है। यह पहली बार है जब UAE ने इस तरह के कर्ज को रोलओवर करने से इनकार किया है, जिससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर दिवालिया होने का खतरा मंडराने लगा है।


पाकिस्तान की सरकार नए कर्ज के लिए प्रयासरत

पाई-पाई को मोहताज हुआ पाकिस्तान, नए कर्ज के लिए हाथ-पैर मार रही सरकार


ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने बताया कि सरकार इस भारी कर्ज को चुकाने के लिए नए विकल्पों की तलाश कर रही है। इसमें अन्य मित्र देशों से सहायता मांगना और वाणिज्यिक बैंकों से नया कर्ज लेना शामिल है। यह संकट ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार पहले से ही दबाव में है। 27 मार्च तक, पाकिस्तान के पास लगभग 16.4 अरब डॉलर का रिजर्व था, जो केवल तीन महीने के आयात के लिए पर्याप्त है। यदि UAE को पैसा लौटाना पड़ा, तो पाकिस्तान के खजाने पर गंभीर असर पड़ेगा।


चीन और सऊदी अरब से वित्तीय सहायता की संभावनाएं

चीन और सऊदी अरब से पर्दे के पीछे चल रही गुपचुप बातचीत


जब वित्त मंत्री औरंगजेब से चीन और सऊदी अरब से वित्तीय मदद मांगने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से परहेज किया। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि शहबाज सरकार इन दोनों देशों के साथ गुप्त बातचीत कर रही है ताकि इस संकट से उबरा जा सके। वित्त मंत्री भले ही यह दावा कर रहे हों कि वे अपने लेनदारों का पैसा चुकाने में सक्षम हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि पाकिस्तान के पास इस स्थिति से बाहर निकलने का कोई ठोस योजना नहीं है।


पाकिस्तान की नई वित्तीय रणनीतियाँ

कर्ज के जाल से निकलने के लिए अब पांडा और यूरोबॉन्ड का सहारा


इस संकट से बाहर निकलने के लिए पाकिस्तान अब वैश्विक बॉन्ड मार्केट की ओर देख रहा है। औरंगजेब ने बताया कि चार साल के अंतराल के बाद पाकिस्तान इस साल यूरोबॉन्ड जारी करने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही 'इस्लामिक सुकुक' और डॉलर-सेटल्ड रुपया बॉन्ड भी जारी किए जाएंगे। सबसे दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान पहली बार चीनी मुद्रा 'युआन' में कर्ज लेने की तैयारी कर रहा है, जिसे 'पांडा बॉंड' कहा जाता है। सरकार की योजना जल्द ही 25 करोड़ डॉलर के पांडा बॉंड बेचने की है, जिसे बाद में बढ़ाकर 1 अरब डॉलर तक किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में एशियाई विकास बैंक (ADB) और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) पाकिस्तान की सहायता कर रहे हैं।