Newzfatafatlogo

पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति: IMF से सहायता में बाधा

पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति गंभीर संकट में है, जहां IMF से मिलने वाली वित्तीय सहायता की बातचीत ठप हो गई है। मौजूदा बजट की विश्वसनीयता पर उठे सवालों और टैक्स संग्रह में कमी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। पाकिस्तान की सरकारें घरेलू आय बढ़ाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रही हैं, जिससे आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जानें इस संकट के पीछे के कारण और पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
 | 
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति: IMF से सहायता में बाधा

वित्तीय सहायता की बातचीत ठप


मौजूदा बजट की विश्वसनीयता पर उठे सवालों के बाद वित्तीय सहायता के लिए चल रही बातचीत हुई ठप


इस्लामाबाद में आर्थिक संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से एक बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पिछले कुछ वर्षों से खाड़ी देशों और IMF से मिलने वाली वित्तीय सहायता पर निर्भर है। सरकारें घरेलू आय बढ़ाने के लिए बहुत कम प्रयास कर रही हैं।


इस स्थिति का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान और IMF के बीच वित्तीय सहायता पर बातचीत अचानक रुक गई। यदि यह बातचीत सफल होती, तो पाकिस्तान को एक अरब डॉलर की सहायता मिल सकती थी। रिपोर्टों के अनुसार, इसका कारण मौजूदा बजट की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवाल और टैक्स संग्रह में कमी है।


आईएमएफ से दशकों से मिल रही मदद

पाकिस्तान को दशकों से IMF से सहायता मिलती रही है, जिसमें कर प्रशासन में सुधार, कर आधार का विस्तार और राजस्व लक्ष्य बढ़ाने की मांग की जाती रही है। हालांकि, इन प्रयासों के परिणाम सीमित रहे हैं। औपचारिक क्षेत्र पर कर का बोझ अधिक है, जबकि खुदरा व्यापार, कृषि और अन्य क्षेत्रों पर कर बहुत कम या बिल्कुल नहीं लगाया जाता। अनौपचारिक अर्थव्यवस्था, जो जीडीपी का लगभग 40 प्रतिशत है, कर प्रणाली से बाहर है।


पाकिस्तान को नुकसान का कारण

रिपोर्ट के अनुसार, IMF ने पाकिस्तान के टैक्स सिस्टम पर फिर से सवाल उठाए हैं। IMF का कहना है कि राजस्व लक्ष्य हासिल करना मुश्किल है। पाकिस्तान की कर व्यवस्था लंबे समय से कमजोर प्रदर्शन कर रही है। देश का टैक्स-टू-GDP अनुपात 9-10 प्रतिशत के आसपास है, जो अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सबसे कम है। कर दायरा सीमित है, अनौपचारिक अर्थव्यवस्था बहुत बड़ी है और कर अनुपालन भी कमजोर है।


अतिरिक्त जानकारी

ये भी पढ़ें : Odisha Hospital Fire : कटक मेडिकल कॉलेज में आग से 10 मरीजों की मौत