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पाकिस्तान के नए दावे पर भारत ने किया खंडन

पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन की मध्यस्थता का दावा किया है, जिसे भारत ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। भारत का कहना है कि इस ऑपरेशन में किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी। जानें इस विवाद के पीछे की सच्चाई और दोनों देशों के बीच के संबंधों पर इसका क्या असर पड़ सकता है।
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पाकिस्तान के नए दावे पर भारत ने किया खंडन

पाकिस्तान के दावों पर भारत की प्रतिक्रिया

नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर को लगभग सात महीने हो चुके हैं, लेकिन पाकिस्तान अब भी अपने झूठे दावों से पीछे नहीं हट रहा है। पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संतुष्ट करने के लिए पाकिस्तान ने इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी मध्यस्थता की बात स्वीकार की थी। अब, पाकिस्तान ने एक नया दावा पेश करते हुए कहा है कि इस दौरान चीन ने भी मध्यस्थता की थी।


पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के समय चीनी नेतृत्व लगातार पाकिस्तान के संपर्क में था और उन्होंने भारत के साथ भी बातचीत की थी। उनके अनुसार, इन संपर्कों ने सकारात्मक कूटनीति को बढ़ावा दिया, जिससे तनाव कम करने और शांति स्थापित करने में मदद मिली।


ताहिर अंद्राबी ने कहा, “मेरा मानना है कि संपर्क में बने रहने से सकारात्मक कूटनीति संभव हो पाई, जिसने हालात को शांत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुझे पूरा विश्वास है कि चीन की मध्यस्थता का दृष्टिकोण सही है।” उल्लेखनीय है कि इससे पहले पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता की बात स्वीकार की थी। अब, लगभग सात महीने बाद, पाकिस्तान ने चीन को भी इस कथित मध्यस्थता से जोड़ते हुए नया दावा पेश किया है।


भारत ने दावों को किया खारिज
भारत सरकार ने पाकिस्तान के इन सभी दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। भारत का स्पष्ट कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के लिए पाकिस्तान के डीजीएमओ (DGMO) ने भारत से सीधे संपर्क कर सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की थी। इसमें किसी भी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी। भारत ने वाशिंगटन और बीजिंग—दोनों के मध्यस्थता संबंधी दावों को सिरे से नकारते हुए दोहराया है कि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संवाद पूरी तरह द्विपक्षीय थे और किसी बाहरी हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता या गुंजाइश नहीं थी।