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पाकिस्तान के फर्जी दावों पर सोशल मीडिया पर मजाक का दौर

पाकिस्तान के एक अधिकारी ने भारतीय एयरबेस पर हमले का दावा किया है, जो वास्तविकता में मौजूद नहीं हैं। इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने मजेदार प्रतिक्रियाएं दी हैं। जानें इस मामले की सच्चाई और लोगों की प्रतिक्रियाएं।
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पाकिस्तान के फर्जी दावों पर सोशल मीडिया पर मजाक का दौर

पाकिस्तान के दावे की सच्चाई

नई दिल्ली: पिछले वर्ष पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गूंज अब भी पाकिस्तान में सुनाई दे रही है। हालात यह हैं कि पाकिस्तानी सेना के अधिकारी अब उन भारतीय एयरबेस पर हमले का दावा कर रहे हैं, जिनका वास्तविकता में कोई अस्तित्व नहीं है। दरअसल, पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अधिकारी आत्मविश्वास के साथ कहता है कि 10 मई को पाकिस्तान ने भारतीय सेना के दो एयरबेस — “राजौरी एयरबेस” और “मामून एयरबेस” — पर मिसाइल हमला किया।


इस अधिकारी की पहचान कैप्टन मुनीब जमाल के रूप में हुई है। उसने कहा, “हमें दो लक्ष्य सौंपे गए थे — राजौरी एयरबेस और मामून एयरबेस — और हमने सफलतापूर्वक उन पर हमला किया।” उसने यह भी कहा कि मिसाइल लॉन्च की तैयारी के दौरान आसपास मौजूद नागरिकों ने उनके हौसले को बढ़ाया।


सच्चाई क्या है?


वास्तविकता यह है कि जम्मू-कश्मीर का राजौरी एक जिला है, लेकिन वहां भारतीय वायुसेना का कोई सक्रिय एयरबेस नहीं है। वहीं, मामून पंजाब के पठानकोट में स्थित एक सैन्य छावनी का नाम है, न कि कोई एयरफोर्स बेस। पाकिस्तान ने अपने कथित ‘ऑपरेशन बुनियान उल मरसूस’ के तहत जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात की दिशा में कई बार हवाई घुसपैठ की कोशिश की थी। 10 मई 2025 को पाकिस्तानी सेना ने सीमा पार हमले में ‘फतह-1’ गाइडेड आर्टिलरी रॉकेट का इस्तेमाल किया था। हालांकि, भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने इसे हरियाणा के सिरसा के ऊपर ही नष्ट कर दिया।


इसके बाद मिसाइल के मलबे हरियाणा के सिरसा, राजस्थान के बाड़मेर और पंजाब के जालंधर के खेतों में मिलने की खबरें आई थीं। सितंबर 2025 में श्रीनगर की डल झील से भी संदिग्ध मलबा बरामद किया गया था, जिसे ‘फतह-1’ मिसाइल का हिस्सा माना गया।


सोशल मीडिया पर मजाक का दौर


पाकिस्तानी अधिकारी के दावे के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जमकर चुटकी ली। एक यूजर ने लिखा, “पुरातत्वविद, मानचित्रकार, Google Maps और भारतीय वायुसेना मिलकर अब ‘राजौरी एयरबेस’ और ‘मामून एयरबेस’ की खोज में जुट गए हैं।” वहीं, दूसरे यूजर ने तंज कसते हुए कहा, “फतह-1 ने इन एयरबेस पर इतनी जबरदस्त चोट की कि उनका नामोनिशान ही मिट गया। अगला निशाना शायद अटलांटिस होगा!”