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पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार की मीटिंग के दौरान गिरने से चोट

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार को एक मीटिंग के दौरान गिरने से चोट आई है, जिससे उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। यह घटना उस समय हुई जब वे सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों के साथ पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों पर चर्चा कर रहे थे। डार के कंधे में हेयरलाइन फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है, लेकिन उनकी स्थिति स्थिर है। जानें इस घटना के पीछे की कहानी और पाकिस्तान की भूमिका ईरान के साथ शांति वार्ता में।
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पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार की मीटिंग के दौरान गिरने से चोट

पाकिस्तान की मध्यस्थता और इशाक डार की चोट

नई दिल्ली। ईरान के साथ अमेरिका और इजराइल के बीच शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान ने मध्यस्थता की भूमिका निभाई है। कई मुस्लिम देशों के साथ बैठकें कर चुका है। इसी दौरान एक अप्रत्याशित घटना में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। मीटिंग के दौरान वह फिसल गए, जिससे उन्हें हेयरलाइन फ्रैक्चर हो गया।


घटना का विवरण

कब और कहां हुआ हादसा?

यह घटना पाकिस्तान में आयोजित एक चतुष्पक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान हुई, जिसमें सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्री पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और शांति प्रयासों पर चर्चा करने के लिए एकत्र हुए थे। रिपोर्टों के अनुसार, इशाक डार ने विदेश मंत्रालय पहुंचने के बाद मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलअत्ती को मंच पर आमंत्रित करते समय अचानक फिसलकर गिर पड़े, जिससे उनके कंधे में चोट आई।


चोट की पुष्टि और स्थिति

मेडिकल जांच में क्या निकला?

डार के बेटे अली डार ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि चोट के बावजूद उनके पिता ने सभी महत्वपूर्ण बैठकों में भाग लिया और अपने आधिकारिक कार्यों को पूरा किया। उन्होंने बताया कि रात करीब नौ बजे इशाक डार की मेडिकल जांच की गई, जिसमें उनके कंधे में हेयरलाइन फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है, लेकिन उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।


ईरान युद्ध पर बातचीत की प्रगति

पाकिस्तान की भूमिका

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने रविवार को कहा कि सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक के बाद इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता आयोजित करेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध किसी के हित में नहीं है और इससे केवल विनाश होगा। इस चुनौतीपूर्ण समय में मुस्लिम समुदाय की एकता आवश्यक है।