पाकिस्तान में तेल और गैस चोरी पर सख्त कानून का प्रस्ताव
पाकिस्तान सरकार का नया कानून
इस्लामाबाद: पाकिस्तान सरकार ने तेल और गैस संकट के मद्देनजर अवैध भंडारण, चोरी और तस्करी को आतंकवाद की श्रेणी में डालने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सोमवार को नेशनल असेंबली में आपराधिक कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया गया।
एक प्रमुख समाचार पत्र के अनुसार, सरकार का कहना है कि तेल माफिया पहले तेल के ठिकानों और पाइपलाइनों पर हमले करते हैं और फिर चोरी किए गए तेल को ऊंचे दामों पर बेचते हैं। इस अवैध कमाई का इस्तेमाल देश में आतंक फैलाने के लिए किया जाता है।
इसी संदर्भ में, सरकार ने इस प्रकार की गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त कानून लाने का निर्णय लिया है। प्रस्तावित कानून के तहत, तेल और गैस की चोरी, अवैध भंडारण और तस्करी को गंभीर अपराध माना जाएगा, और आवश्यकता पड़ने पर आरोपियों पर आतंकवाद निरोधक कानून भी लागू किया जा सकेगा।
इस बीच, सोमवार को बलूचिस्तान में एक तेल पाइपलाइन पर हमले की घटना हुई, जिसके कारण क्वेटा सहित कई क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित हो गई। हालांकि, हमले के पीछे किसका हाथ है, इस पर सरकार ने कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
प्रस्तावित कानून की मुख्य बातें
1. तेल या गैस की चोरी करते पकड़े जाने पर आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होगा, जिसमें 14 साल तक की सजा और 3 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
2. तेल और गैस की तस्करी या अवैध भंडारण पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। पेट्रोलियम पाइपलाइन पर हमले के मामलों में भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
3. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वारंट की आवश्यकता नहीं होगी; अधिकारी स्वत: कार्रवाई कर सकेंगे।
4. कानून में इन अपराधों को आतंकवाद से जुड़े मामलों की तरह सख्ती से निपटाने का प्रावधान किया गया है, जहां न्यूनतम सजा 14 साल तक हो सकती है।
