पाकिस्तान में बाढ़ संकट: रक्षा मंत्री ने भारत पर लगाया आरोप

पाकिस्तान में बाढ़ का संकट
पाकिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में गंभीर बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस बीच, रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने इस आपदा के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराते हुए एक अजीब दावा किया है कि सीमा पार से आने वाला बाढ़ का पानी शवों को पाकिस्तान में ले आया है।
पाकिस्तानी समाचार पोर्टल डायलॉग पाकिस्तान के अनुसार, ख्वाजा आसिफ ने सियालकोट में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हुए संवाददाताओं से कहा कि भारत से आने वाला बाढ़ का पानी लाशें, मवेशी और मलबा लेकर आया है। मंत्री ने यह भी कहा कि इससे स्थानीय नगरपालिका टीमों के काम में बाधा उत्पन्न हुई है, जो क्षेत्र से पानी निकालने का प्रयास कर रही हैं।
आसिफ का बयान और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
आसिफ ने यह भी कहा कि स्थानीय निवासियों ने सीमा पार से शवों को बहते हुए देखा है। उन्होंने बताया कि सियालकोट, जम्मू से निकलने वाले जलमार्गों के नीचे स्थित है और जब भारत की ओर से पानी छोड़ा जाता है, तो यहाँ बाढ़ आना सामान्य है। उनके अनुसार, भारत ने नदियों में पानी छोड़ने से पहले पाकिस्तान को दो बार सूचित किया था।
इस बयान के बाद, पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर मंत्री की आलोचना और उपहास का दौर शुरू हो गया। कई लोगों ने उन पर अपनी सरकार की बुनियादी ढाँचे और बाढ़ की तैयारियों में विफलताओं से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
भारत का मानवीय कदम
इस सप्ताह की शुरुआत में, भारत ने पाकिस्तान के साथ खराब मौसम और संभावित भारी बाढ़ के बारे में जानकारी साझा की, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखा गया। कई सीमा पार नदियाँ उफान पर हैं। सूत्रों के अनुसार, द्विपक्षीय सिंधु जल संधि, जिसे भारत ने 22 अप्रैल को एक आतंकवादी हमले के जवाब में रोक दिया था, अभी भी स्थगित है और सिंधु आयोग के तहत कोई जल विज्ञान संबंधी डेटा का आदान-प्रदान नहीं किया जा रहा है।