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पीयूष गोयल ने सौर ऊर्जा को बताया टिकाऊ विकास का प्रमुख विकल्प

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सौर ऊर्जा को बिजली का सबसे सस्ता और टिकाऊ विकल्प बताया है। उन्होंने 2030 तक 1 लाख मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है। गोयल ने कहा कि सौर ऊर्जा में एक बार पूंजी निवेश करने के बाद कोई अतिरिक्त खर्च नहीं होता। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में सौर ऊर्जा एक प्रचुर प्राकृतिक संसाधन है, जो प्रदूषण कम करने और टिकाऊ विकास में मदद करता है।
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पीयूष गोयल ने सौर ऊर्जा को बताया टिकाऊ विकास का प्रमुख विकल्प

सौर ऊर्जा का महत्व


केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का बयान


केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा कि सौर ऊर्जा वर्तमान में बिजली का सबसे सस्ता और टिकाऊ विकल्प है। उन्होंने बताया कि एक बार सौर ऊर्जा में पूंजी निवेश करने के बाद, कोयला, गैस या डीजल जैसे ईंधनों पर कोई अतिरिक्त खर्च नहीं होता। गोयल ने यह भी कहा कि भारत में सौर ऊर्जा एक प्रचुर प्राकृतिक संसाधन है, जो न केवल प्रदूषण को कम करता है बल्कि टिकाऊ विकास का एक मजबूत साधन भी है।


2030 तक सौर ऊर्जा का लक्ष्य

गोयल ने कहा कि 1,000 से 2,000 मेगावाट की बड़ी परियोजनाएं तेजी से विकसित हो रही हैं और नवीकरणीय ऊर्जा को राष्ट्रीय प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि जब 2014 में उनकी सरकार सत्ता में आई थी, तब 2030 तक 20,000 मेगावाट का लक्ष्य रखा गया था, जिसे अब बढ़ाकर 100 गीगावाट (1 लाख मेगावाट) कर दिया गया है। यह निर्णय तब लिया गया जब बिजली की कीमतें 5 से 6.5 रुपये प्रति यूनिट थीं।


दीर्घकालिक सोच का परिणाम

भारत का सौर ऊर्जा के प्रति दृष्टिकोण दीर्घकालिक सोच का परिणाम है, जिसका उद्देश्य लागत को कम करना और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाना है। गोयल ने वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन में सोलर डिविडेंड कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। उन्होंने बताया कि बाजार प्रतिस्पर्धा और तकनीकी विकास ने सौर ऊर्जा को महंगे विकल्प से किफायती ऊर्जा स्रोत में बदल दिया है।


2014 के बाद के महत्वपूर्ण बदलाव

मंत्री ने बताया कि 2014 के अंत में फीड-इन टैरिफ को समाप्त कर रिवर्स ऑक्शन (प्रतिस्पर्धी बोली) मॉडल अपनाना एक महत्वपूर्ण कदम था। इससे डेवलपर्स के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ी और पहली नीलामी में दरें गिरकर लगभग 2.5 रुपये प्रति यूनिट पर आ गईं, जिससे बड़े पैमाने पर यूटिलिटी-स्केल सौर परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त हुआ।