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पुडुचेरी विधानसभा चुनाव: कांग्रेस और डीएमके का गठबंधन तैयार

पुडुचेरी में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस और डीएमके ने सीटों के बंटवारे का समझौता किया है। यह गठबंधन पुडुचेरी में सत्ता पुनः प्राप्त करने के उद्देश्य से बनाया गया है। चुनावी मुकाबला थट्टनचावड़ी विधानसभा क्षेत्र में होगा, जहां कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री वी वैथिलिंगम का सामना वर्तमान मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी से होगा। 2021 के चुनावों में कांग्रेस को निराशाजनक परिणाम मिले थे, लेकिन इस बार वे बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं। मतदान 9 अप्रैल को होगा और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
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पुडुचेरी विधानसभा चुनाव: कांग्रेस और डीएमके का गठबंधन तैयार

पुडुचेरी में चुनावी हलचल


नई दिल्ली: पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। नामांकन की अंतिम तिथि के बाद, कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने सोमवार को सीटों के बंटवारे का समझौता किया। यह गठबंधन पुडुचेरी में अपनी खोई हुई सत्ता को पुनः प्राप्त करने के उद्देश्य से बनाया गया है। दोनों दलों के बीच यह सहमति 'इंडिया' ब्लॉक की एकता और रणनीतिक मजबूती को दर्शाती है।


सीटों का बंटवारा

कांग्रेस और डीएमके के बीच हुए इस समझौते के अनुसार, कुल 30 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस 16 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, जबकि डीएमके को 14 सीटें दी गई हैं। डीएमके अपने हिस्से की सीटों में से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) को भी उम्मीदवार खड़ा करने का अवसर देगी। यह समझौता पुडुचेरी कांग्रेस के प्रमुख वी वैथिलिंगम और डीएमके नेता एस जगतरक्षकन के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद हुआ है।


थट्टनचावड़ी में मुकाबला

थट्टनचावड़ी में दिग्गजों की सीधी टक्कर 


चुनाव की सबसे महत्वपूर्ण लड़ाई थट्टनचावड़ी विधानसभा क्षेत्र में होने जा रही है। यहां से कांग्रेस के मौजूदा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री वी वैथिलिंगम ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। उनका मुकाबला वर्तमान मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी से होगा। वैथिलिंगम पहले भी दो बार पुडुचेरी के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जिससे यह मुकाबला इस सीट को प्रदेश की सबसे हॉट सीट बना देता है।


पिछले चुनावों की यादें

पिछले चुनाव परिणामों की कड़वी यादें 


2021 के विधानसभा चुनावों के परिणाम कांग्रेस के लिए उत्साहजनक नहीं रहे थे। उस समय कांग्रेस ने 14 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन केवल 2 सीटें ही जीत सकी। दूसरी ओर, डीएमके ने 13 में से 6 सीटों पर जीत हासिल की थी। एनडीए गठबंधन की प्रमुख पार्टी एआईएनआरसी 10 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी। भाजपा ने भी 6 सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की थी।


विपक्षी गठबंधन की उम्मीदें

विपक्षी गठबंधन की वापसी की उम्मीद 


कांग्रेस-डीएमके गठबंधन इस बार पुडुचेरी की राजनीति में बड़ा बदलाव लाने की उम्मीद कर रहा है। रणनीतिकारों का मानना है कि वैथिलिंगम जैसे अनुभवी नेता को मुख्यमंत्री के खिलाफ उतारना एक मास्टरस्ट्रोक हो सकता है। डीएमके नेता जगतरक्षकन ने स्पष्ट किया है कि वे अपने सहयोगियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे और भाजपा-एआईएनआरसी गठबंधन को चुनौती देंगे। विपक्षी दलों का लक्ष्य एनडीए के बहुमत को रोकना और प्रदेश में फिर से अपनी सरकार बनाना है, जो 2021 में सत्ता से बाहर हो गई थी।


चुनाव की तारीखें

पुडुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को एक ही चरण में होगा। मतदाताओं के फैसले का पता 4 मई को चलेगा, जब चुनाव आयोग वोटों की गिनती करेगा। उल्लेखनीय है कि पुडुचेरी के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम के चुनाव परिणाम भी इसी दिन घोषित किए जाएंगे। थट्टनचावड़ी सहित सभी सीटों पर उम्मीदवारों के नामांकन के बाद चुनावी प्रचार अब अपने चरम पर पहुंचने वाला है और सभी दल अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं।