पुणे में मरीन इंजीनियरिंग छात्र की दुखद मौत, सुरक्षा पर उठे सवाल
पुणे में मरीन इंस्टीट्यूट में हादसा
पुणे: टोलानी मरीटाइम इंस्टीट्यूट में एक दुखद घटना ने पूरे परिसर को हिला दिया है। 20 वर्षीय कैडेट विशाल वर्मा, जो कि दूसरे वर्ष के छात्र थे, सुबह व्यायाम के दौरान बास्केटबॉल हूप पर पुल-अप्स कर रहे थे, तभी अचानक पूरा ढांचा उनके ऊपर गिर पड़ा। इस दुर्घटना में उन्हें गंभीर चोटें आईं और खून बहने लगा। साथी छात्रों और स्टाफ ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह घटना खेल सुविधाओं की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही है।
हादसे का विवरण
विशाल वर्मा उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के निवासी थे। वे सुबह व्यायाम के लिए कैंपस में निकले थे और बास्केटबॉल कोर्ट पर पहुंचकर पुल-अप्स करने लगे। अचानक, पूरा फ्रेम और बैकबोर्ड गिर गया, जिससे भारी संरचना उनके सिर और शरीर पर आ गिरी। आसपास के छात्रों ने तुरंत मदद की और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। संस्थान ने बताया कि यह घटना पूरी तरह अप्रत्याशित थी।
विशाल का सपना
विशाल वर्मा ने 2024 में टोलानी मरीटाइम इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया था और वे चार वर्षीय बीटेक मरीन इंजीनियरिंग कोर्स कर रहे थे, जिसे 2028 में पूरा करना था। उनके परिवार और दोस्तों का मानना था कि वे मेहनती और होनहार छात्र थे। मरीन क्षेत्र में करियर बनाने का उनका सपना था। उनके निधन से न केवल परिवार, बल्कि पूरे संस्थान में शोक की लहर दौड़ गई है। कई छात्र उन्हें याद करते हुए भावुक हो रहे हैं।
संस्थान की प्रतिक्रिया और जांच
संस्थान के प्रिंसिपल डॉ. संजीत कनूनगो ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने कहा कि विशाल व्यायाम के लिए हूप का उपयोग कर रहे थे जब फ्रेम अचानक गिर गया। संस्थान ने तुरंत जांच शुरू कर दी है कि यह हादसा क्यों हुआ। क्या जंग लगने या फिटिंग में कोई कमी थी, इसकी जांच की जा रही है। प्रिंसिपल ने संवेदना व्यक्त करते हुए परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया और कैंपस की सभी खेल सुविधाओं की जांच का आदेश दिया।
पुलिस जांच और सुरक्षा चिंताएं
पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और पूरी घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि खेल संरचना की मेंटेनेंस में कोई लापरवाही तो नहीं हुई। हाल के महीनों में हरियाणा में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें युवा खिलाड़ी अभ्यास के दौरान अपनी जान गंवा चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि देशभर में स्कूलों, कॉलेजों और खेल मैदानों की संरचनाओं की नियमित जांच और रखरखाव आवश्यक है। इस तरह की दुर्घटनाएं बार-बार हो रही हैं, जिससे युवाओं की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
