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पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हमजा बुरहान: आतंकियों के बीच खौफ का माहौल

पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड, आतंकी हमजा बुरहान, हाल ही में पाकिस्तान में मारा गया। उसके जनाजे में कई प्रमुख आतंकी कमांडर शामिल हुए, लेकिन सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बावजूद वहां खौफ का माहौल था। जानें हमजा की हत्या का रहस्य और उसकी आतंकवादी गतिविधियों के बारे में। क्या वह वास्तव में आईएसआई का करीबी था? इस लेख में हम आपको उसकी पूरी कहानी बताएंगे।
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पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हमजा बुरहान: आतंकियों के बीच खौफ का माहौल

पाकिस्तान में दफनाया गया आतंकी हमजा बुरहान


पुलवामा हमले का मुख्य साजिशकर्ता, आतंकी हमजा बुरहान, को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दफनाया गया। उसके अंतिम संस्कार में कई प्रमुख आतंकी कमांडर शामिल हुए, जिनमें हिजबुल मुजाहिद्दीन के नेता सैयद सलाउद्दीन और अल-बदर के प्रमुख बख्त जमीन खान शामिल थे। इस दौरान सभी आतंकी भारी हथियारों से लैस थे, जबकि सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।


हमजा बुरहान की हत्या का रहस्य

पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड, अर्जुनमंद गुलजार उर्फ हमजा बुरहान, की हत्या पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा की गई थी। जब उसका जनाजा इस्लामाबाद में रखा गया, तो हिजबुल मुजाहिद्दीन का प्रमुख सैयद सलाउद्दीन भी वहां मौजूद था। इसके अलावा, कई अन्य आतंकी संगठनों के कमांडर भी उसे अंतिम विदाई देने आए थे।


जनाजे में आतंकियों के बीच खौफ

हालांकि हमजा के जनाजे में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, लेकिन वहां मौजूद सभी आतंकी कमांडरों के चेहरों पर अज्ञात हमलावरों का खौफ साफ नजर आ रहा था। हाल के दिनों में पाकिस्तान और पीओके में कई बड़े आतंकियों की हत्या की गई है, जिससे इन संगठनों के शीर्ष कमांडरों के बीच डर का माहौल बना हुआ है।


हमजा बुरहान का परिचय

क्या आप जानना चाहेंगे कि हमजा बुरहान कौन था, जिसके जनाजे में आतंकी संगठनों के सरगनाओं के साथ पाकिस्तान की आईएसआई के अधिकारी भी शामिल थे? हमजा बुरहान को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का करीबी माना जाता था। कहा जाता है कि आईएसआई में कर्नल रिजवान उसका मुख्य हैंडलर था, जो उसे भारत के खिलाफ साजिशों के लिए निर्देश और सुरक्षा मुहैया कराता था। वह मुजफ्फराबाद में एक औद्योगिक परिसर में अपने नेटवर्क का संचालन करता था, जिसे माचिस फैक्ट्री कहा जाता था। आपको याद दिला दें कि 14 फरवरी 2019 को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। बुरहान बाद में पाकिस्तान चला गया और अल बद्र में शामिल हो गया। 2022 में केंद्र सरकार ने उसे आतंकी घोषित किया था। हाल के दिनों में, वह पीओके में एक शिक्षक के रूप में काम कर रहा था और मुजफ्फराबाद के एक प्राइवेट स्कूल में प्रिंसिपल बना दिया गया था।


हमजा की हत्या का विवरण

पाकिस्तानी पुलिस के अनुसार, बुरहान को सिर में तीन गोलियां मारी गई थीं। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद, पाकिस्तान पुलिस ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार करने का दावा किया है।