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पूर्व माओवादी कमांडर की नई शुरुआत: शिक्षा की ओर लौटे थिप्पिरी तिरुपति

थिप्पिरी तिरुपति, जो कभी माओवादी कमांडर थे, अब शिक्षा के मार्ग पर लौट आए हैं। 62 वर्षीय देवजी ने जगतियाल जिले में इंटरमीडिएट सप्लीमेंट्री परीक्षा दी, जो उनके लिए एक नई शुरुआत है। उन्होंने 1980 के दशक में अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी और माओवादी आंदोलन में शामिल हो गए थे। अब, वे हिंसा का रास्ता छोड़कर शिक्षा की ओर बढ़ रहे हैं और समाज में अपनी जगह बनाना चाहते हैं। उनकी परीक्षा में भागीदारी ने लोगों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है।
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पूर्व माओवादी कमांडर की नई शुरुआत: शिक्षा की ओर लौटे थिप्पिरी तिरुपति

थिप्पिरी तिरुपति की शिक्षा की ओर वापसी

तेलंगाना: तेलंगाना में एक समय जंगलों में हथियारों के साथ सक्रिय रहने वाले पूर्व माओवादी कमांडर थिप्पिरी तिरुपति, जिन्हें देवजी के नाम से भी जाना जाता है, अब शिक्षा के मार्ग पर लौट आए हैं। 62 वर्षीय देवजी ने बुधवार को जगतियाल जिले के कोरुटला में एक कॉलेज में इंटरमीडिएट सप्लीमेंट्री परीक्षा दी। यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था, क्योंकि उन्होंने लगभग चार दशकों बाद परीक्षा केंद्र का रुख किया है। एक समय में AK-47 के साथ माओवादी गतिविधियों में शामिल रहने वाले देवजी अब अपनी अधूरी पढ़ाई को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे उन्होंने 1980 के दशक के प्रारंभ में छोड़ दिया था।


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देवजी ने 1985 में इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी, लेकिन तेलुगू विषय में असफल होने के कारण उनकी पढ़ाई अधूरी रह गई। इसके बाद वे माओवादी आंदोलन से जुड़े और संगठन के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वे प्रतिबंधित CPI (माओवादी) के शीर्ष नेताओं में से एक थे और उनके खिलाफ करोड़ों रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।


लगभग 44 वर्षों तक भूमिगत रहने के बाद, उन्होंने फरवरी 2026 में तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। अब, उन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़कर शिक्षा और सामान्य जीवन की ओर कदम बढ़ाया है। परीक्षा देने के बाद, देवजी ने कहा कि वे आगे भी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं और समाज की मुख्यधारा में पूरी तरह से शामिल होना चाहते हैं।
परीक्षा केंद्र पर उनकी उपस्थिति लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। कई लोग इसे जीवन में बदलाव और नई शुरुआत की एक मिसाल मान रहे हैं।