पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी का धरना-प्रदर्शन, प्रशासन ने रोका
धरना-प्रदर्शन का आयोजन
महराजगंज :: पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी ने गुरुवार को दोपहर लगभग 12 बजे रेलवे स्टेशन चौराहे से अपने कैंप कार्यालय से पैदल मार्च की शुरुआत की। उनके समर्थकों की बड़ी संख्या नारे लगाते हुए उनके साथ तहसील गेट तक पहुंची, जहां प्रशासन ने उन्हें रोक दिया।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की कार्रवाई
तहसील गेट पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई थी। प्रशासन ने केवल अमन मणि त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपने के लिए तहसील परिसर में प्रवेश की अनुमति दी, जबकि उनके समर्थकों को बाहर ही रोक दिया गया।
प्रशासन पर आरोप
तहसील के भीतर प्रवेश करने के बाद, पूर्व विधायक ने गेट के बाहर खड़े समर्थकों को संबोधित करते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद, फर्जी रजिस्ट्री और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे करने वालों को प्रशासनिक संरक्षण मिल रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री को ज्ञापन
अमन मणि त्रिपाठी ने इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित 20 सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम नौतनवा नवीन कुमार को सौंपा। धरना-प्रदर्शन के दौरान समर्थक लगातार नारेबाजी करते रहे और प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते रहे।
प्रशासन की सतर्कता
प्रशासन ने प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुबह से ही सतर्कता बरती। तहसील परिसर, मुख्य चौक-चौराहों और पूर्व विधायक के कार्यालय के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तथा पीएसी की तैनाती की गई थी। पुलिस बंदोबस्त और उमड़ी भीड़ को लेकर पूरे दिन क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और पुलिस बल हर जगह तैनात दिखाई दिया।


